मधुबनी : मॉडल स्टेशन रहते हुए भी मधुबनी रेलवे स्टेशन पर यात्रा ी सुविधाओं का घोर अभाव है. प्रतिदिन यहां सैकड़ों यात्री यहां से देश के विभिन्न जगहों के लिए अपनी यात्रा शुरू करते हैं, लेकिन उन्हें यहां एक सामान्य स्टेशन के अनुरूप भी सुविधा नहीं मिल पाती है. यहां शुद्ध पानी की व्यवस्था तो दूर बैठने तक के लिए पर्याप्त साधन नहीं है.
प्लेटफॉर्म जाने में होती परेशानी
यात्रियों को एक प्लेटफॉर्म से दूसरे पर जाने में काफी दिक्कत का सामना करना पड़ता है. खासकर बूढ़े व बच्चों के लिए ट्रैक क्रॉस कर एक से दूसरे प्लेटफॉर्म पर जाना टेढ़ी खीर है.
कई बार इस दौरान यात्रा ी गिर कर घायल भी हो चुके हैं. सबसे ज्यादा परेशानी ट्रेन के निर्धारित ट्रैक पर आने की बजाय दूसरे प्लेटफॉर्म नंबर पर आने की उद्घोषणा पर होती है. इस दौरान स्टेशन पर अफरातफरी का माहौल बन जाता है. इस अफरातफरी में लोग एक नंबर से दूसरे नंबर के प्लेटफॉर्म पर जाने के दौरान कई बार दुर्घटनाग्रस्त हो चुके हैं.
रेलवे स्टेशन पर फुट ओवर ब्रिज नहीं होने से एक से दूसरे प्लेटफॉर्म पर जाने में खतरा बना रहता है. हालांकि पूर्व मध्य रेल के डीआरएम सुधांशु शर्मा ने इस साल के अंत तक फुट ओवर ब्रिज मधुबनी रेलवे स्टेशन पर बन जाने की घोषणा की है, लेकिन स्टेशन पर इसके निर्माण को लेकर कोई कार्य शुरू नहीं हुआ है.
मवेशी फैला रहे गंदगी, बैठना मुश्किल
रेलवे स्टेशन के ट्रैक पर हमेशा लावारिस मवेशी घुमते रहते हैं. ट्रैक पर हमेशा मवेशी के होने से किसी बड़े दुर्घटना से इनकार नहीं किया जा सकता है. हालांकि, अब तक मवेशी की वजह से कोई दुर्घटना नहीं हुई है. स्टेशन के तीन तरफ से खुला होने के कारण मवेशी आसानी से प्लेटफॉर्म के समीप ट्रैक पर आ जाते है. यही नहीं, ये मवेशी प्लेटफॉर्म आदि पर गंदगी भी फैला देते हैं, जिससे वहां बैठना यात्रा ियों के लिए दूर्भर हो जाता है.
आरक्षण काउंटर की कमी
स्टेशन परिसर में एक ही आरक्षण काउंटर रहने से लोगों को लंबी दूरी की यात्रा करने के लिए टिकट लेने में परेशानी होती है. सबसे ज्यादा दिक्कत शनिवार व रविवार के दिन होती है. दोनों दिन दो शिफ्ट के बजाय एक ही शिफ्ट सुबह आठ से दोपहर दो बजे तक ही आरक्षण का कार्य किया जाता है.
जबकि कामकाजी लोगों को शनिवार व रविवार को ही टिकट कटाने के लिए फुरसत मिलती है. लोगों ने आरक्षण काउंटर में वृद्धि की मांग की है. वहीं, प्लेटफॉर्म एक का ऊंचीकरण नहीं होने से ट्रेन से यात्रियों को उतरने में सतत गिरने का डर बना रहता है. कई बार ट्रेन से उतरने में लोग घायल भी हो चुके है, लेकिन रेल विभाग की ओर से अब तक प्लेटफॉर्म का ऊंचीकरण नहीं किया गया है.
क्या कहते हैं अधिकारी
सीसीएम महबूब रब ने बताया है कि सभी समस्याओं का समाधान करने के दिशा में पहल की जायेगी. वहीं, डीआरएम सुधांशु शर्मा ने बताया है कि इस साल के अंत तक फुट ओवरब्रिज व प्लेटफॉर्म का ऊंचीकरण का काम पूरी कर लिया जायेगा. जल्द ही इसके लिए काम शुरू होगा.
मधुबनी : बिहार राज्य पथ परिवहन निगम ने राजगीर में लगने वाले मलमास मेला के लिए जिला मुख्यालय से राजगीर तक के लिए एक महीने के लिए बस सेवा चलाने का निर्णय लिया है.
निगम के प्रमंडलीय प्रबंधक शरनानंद झा ने रविवार को राज्य ट्रांसपोर्ट कार्यालय पर बताया कि मधुबनी से राजगीर मलमास मेला में जाने वाले श्रद्धालु के सुविधा के लिए पहली बार निगम की ओर से एक माह के लिए राजगीर तक बस चलाने का निर्णय लिया है. यह बस प्रतिदिन मधुबनी परिवहन निगम के बस स्टैंड से 4:30 बजे खुलेगी व अगले दिन राजगीर से पुन: 4:30 बजे वापस आयेगी. मधुबनी से राजगीर तक का भाड़ा 182 रुपये तय किया गया है.
प्रमंडलीय प्रबंधक श्री झा ने बताया कि श्रद्धालु के समूह की ओर से अगर 52 लोग एक साथ राजगीर के मलमास मेला जाना चाहते हों तो इसके लिए विशेष बस की व्यवस्था की जायेगी. जो अगले दिन श्रद्धालु को पुन: राजगीर से वापस लेकर भी आयेगी. उन्होंने कहा कि अगर निगम का यह प्रयास सफल रहा तो अगले माह श्रवणी मेला में देवघर के लिए भी निगम जिला मुख्यालय से दो बस को चलाया जायेगा.
