शिलान्यास के दो साल बाद भी नहीं लगी एक भी ईंट !

झंझारपुर : अनुमंडल के लोहना उत्तरी पंचायत में पंचायत सरकार भवन को लेकर दो वर्ष पूर्व शिलान्यास किया गया. बावजूद आज तक पंचायत सरकार भवन के निर्माण को लेकर संवेदक द्वारा एक भी ईंट नहीं लगाया जा सका है. जबकि इसके बाद झंझारपुर प्रखंड के ही काको पंचायत भवन सरकार भवन निर्माण की अंतिम चरण […]

झंझारपुर : अनुमंडल के लोहना उत्तरी पंचायत में पंचायत सरकार भवन को लेकर दो वर्ष पूर्व शिलान्यास किया गया. बावजूद आज तक पंचायत सरकार भवन के निर्माण को लेकर संवेदक द्वारा एक भी ईंट नहीं लगाया जा सका है.
जबकि इसके बाद झंझारपुर प्रखंड के ही काको पंचायत भवन सरकार भवन निर्माण की अंतिम चरण में पहुंच चुका है. लोहना उत्तरी पंचायत सरकार भवन के बनने से पांच पंचायत के प्रतिनिधियों व जनता को एक साथ समस्या का निदान करने का आश्वासन मिला था. पर एक भी ईंट नहीं लगने से ग्रामीणों से लेकर जनप्रतिनिधियों में सरकार व विभाग के प्रति आक्रोश गहराता नजर आ रहा है.
क्या है मामला
लोहना उत्तर पंचायत में 86 लाख रुपये की लागत से बनने वाले पंचायत सरकार भवन के निर्माण को लेकर पांच दिसंबर 2013 को स्थानीय विधायक सह तत्कालीन ग्रामीण विकास मंत्री नीतीश मिश्र के द्वारा पंचायत सरकार भवन के लिए आधारशिला रखी गयी. योजना एवं विकास विभाग द्वारा इस भवन का निर्माण कराना था. दो वर्ष बीतने के बावजूद निर्माण कार्य शुरू नहीं किये जाने से लोगों ने अवैध कब्जा करना भी शुरू कर दिया है. कई बार स्थानीय लोग व जनप्रतिनिधि के द्वारा इस कार्य को लेकर आवाज भी उठायी गयी.
पर आवाज का कोई सार्थक असर नहीं दिख सका है. यह जगह आज गोबर रखने की जगह बन गयी है. इससे स्थानीय जनप्रतिनिधियों के अलावे ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है. इस भवन के निर्माण शुरू करने के लिए स्थानीय विधायक प्रयास नहीं किये, ऐसी बात नहीं है. उन्होंने लगभग छह माह पहले झंझारपुर अनुमंडल में आयोजित जिले के पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में इससे संबंधित अधिकारियों की क्लास भी ली थी.
उक्त बैठक में पदाधिकारी द्वारा कहा गया था कि दुबारा टेंडर किया जाएगा. जिसकी सारी तैयारी कर ली गयी है. पर उसके भी काफी समय बीत चुका है. पर दुबारा टेंडर कौन कहे. आज तक उक्त स्थल पर कोई पदाधिकारी झांकने तक के लिए नहीं आये हैं. स्थानीय मुखिया गंगिया देवी व उपमुखिया भुवनेश्वर कामति ने बताया कि पंचायत सरकार भवन के निर्माण को लेकर दोबारा जमीन संबंधी कागजात मांग की गयी थी. जिसके दिये भी काफी दिन हो गये. क्या कारण है इसकी जानकारी मुङो भी नहीं मिल पा रही है. इससे संबंधित अधिकारी से पूछने पर जल्द ही बनने की बात बतायी जाती है.
पांच पंचायत को मिलती सहूलियत
लोहना उत्तर पंचायत में पंचायत सरकार भवन बनने से लोहना उत्तर, दक्षिण, रैयाम पूर्वी, पश्चिम एवं नरूआर पंचायत के लोगों को एक ही छत के नीचे सभी समस्या का समाधान हो जाता. चाहे वो मुखिया से संबंधित समस्या होता या सरपंच संबंधी एक ही जगह समस्याओं का समाधान हो जाता. पर विभाग व सरकार के उदासीन रवैया से इस भवन का निर्माण खटाई में दिखता नजर आ रहा है.
क्या कहते हैं लोग
रैयाम पंचायत के इंजीनियर डा. सुनिल कुमार झा ने बताया कि इस सरकार विकास का ढ़िढौरा जरूर पीटा जाता है. पर धरातल पर नजर कुछ और ही दिखता है. पंचायत राज सरकार भवन बनने से एक ही जगह समस्या का निदान हो जाता. जिससे सरकार की पूछ कम हो जाती.
नरूआर गांव निवासी सह मुखिया सुजीत मिश्र ने कहा कि पंचायत राज सरकार भवन का निर्माण किया जाना अत्यंत आवश्यक था. पर यहां के कुछ लोगों के राजनीतिक पेच के कारण निर्माण कार्य में बाधा उत्तपन्न हुआ. जिस कारण संवेदक द्वारा निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं किया गया.
लोहना दक्षिण के लालगंज निवासी बसंत कामति ने कहा कि इस सरकार में विकास की अपेक्षा करना बेइमानी है. पंचायत राज सरकार भवन के निर्माण को लेकर आसपास के पांच गांव के लोग व प्रतिनिधि उत्साहित थे. पर सरकार की गलत नीति के कारण निर्माण कार्य ठप पड़ा है.
लोहना उत्तरी पंचायत के वार्ड सदस्य संजय कुमार ने बताया कि पंचायत सरकार भवन बनने से सभी समस्या का निदान एक जगह हो जाती. जिजसे आसपास के दस गांव के लोगों को सहूलियत हो जाती
रैयाम पश्चिम के मुखिया झलकी देवी का कहना है कि जनता के दुखदर्द की चिंता विभाग को दिखाई नहीं पड़ रही है.
रैयाम पूर्वी के मुखिया प्रवीन कुमार मिश्र उर्फ कन्हैया मिश्र ने बताया कि विभाग व सरकार की उदासीनता और स्थानीय छुटभैये नेता के पेच के कारण निर्माण में बाधा उत्तपन्न हुई है.

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