खजौली में रेल प्रशासन ने चलाया अतिक्रमणमुक्ति अभियान, हड़कंप

खजौली : रेल प्रशासन द्वारा स्थानीय खजौली बाजार में अतिक्रमण मुक्ति अभियान चलाय गया. रेलवे आरपीएफ, जीआरपी व स्थानीय पुलिस प्रशासन की देखरेख में हॉस्पीटल चौक से शहीद चौक तक सड़क से पूरब रेलवे की जमीन में बसे दर्जनों दुकानों को जबरन खाली करवाया गया. इस क्रम में प्रशासन व आमलोगों के बीच थोड़ी कहा […]

खजौली : रेल प्रशासन द्वारा स्थानीय खजौली बाजार में अतिक्रमण मुक्ति अभियान चलाय गया. रेलवे आरपीएफ, जीआरपी व स्थानीय पुलिस प्रशासन की देखरेख में हॉस्पीटल चौक से शहीद चौक तक सड़क से पूरब रेलवे की जमीन में बसे दर्जनों दुकानों को जबरन खाली करवाया गया. इस क्रम में प्रशासन व आमलोगों के बीच थोड़ी कहा सुनी भी हुई. लोग इस बात को लेकर आक्रोशित थे कि बिना कोई पूर्व सूचना के उनकी दुकान को तोड़ा जा रहा है.
हालांकि प्रशासन दो दिन पूर्व ही लोगों को मौखिक सूचना दे दिये जाने की बात बता रही थी. अतिक्रमण मुक्ति अभियान का नेतृत्व कर रहे रेल विभाग के आइओडब्ल्यू अवनीकांत का कहना था कि खजौली के स्टेशन अधीक्षक द्वारा रेलवे की जमीन को अवैध रूप से अतिक्रमित करने को लेकर लिखा गया था. जिस आलोक में रेल प्रशासन द्वारा यह कार्रवाई की गई है. उनका कहना था कि विभाग द्वारा कुछ लोगों को विधिवत जगह आवंटित किया गया है. पर ये लोग अनाधिकृत रूप से बिना आवंटन करवाये रेलवे की जमीन पर दुकान चला रहे थे.
वहीं लोगों का कहना था कि विभाग द्वारा जमीन आवंटन की प्रक्रिया इतनी पेंचीदगी भरा है कि हर एक लोगों के लिए आवंटन करवाना संभव नहीं. तकरीबन एक दशक से रेलवे की जमीन में पान की दुकान चला रहे हीरा सिंह, लक्ष्मी मंडल, संजय राम, कारी राम चाय की दुकान चला रहे लक्ष्मण मंडल, संजय साह आदि का कहना था कि वे लोग तकरीबन एक दशक से इस जमीन पर दुकान चला रहे थे.
पर रेल प्रशासन द्वारा आज उन्हें बेघर कर दिया गया. दुकान ध्वस्त कर दिये जाने के कारण उनके समक्ष जीविकोपार्जन की समस्या उत्पन्न हो गई है. लोगों का कहना था कि प्रशासन द्वारा एकतरफा कार्रवाई की गई है.
मुन्ना सिंह, संजय यादव सरीखे दर्जनों लोगों का कहना था कि उनके हजारों का सामान प्रशासन द्वारा नष्ट कर दिया गया. उन्हें दुकान को खाली करने का मौका तक नहीं दिया गया. कारी राम, गंगाई ठाकुर, विशेश्वर राम, ब्रrा सिंह आदि का आरोप था कि जब तक विभाग के अधिकारियों का जेब गर्म होता रहा सब कुछ सामान्य रूप से चलता रहा किंतु इसमें व्यवधान होने पर आनन-फानन में यह कार्रवाई कर दी गयी.
प्रशासन की इस कार्रवाई में चार दर्जन से अधिक दुकानें खाली कार्रवाई गई. विदित हो खाली कार्रवाई गई दुकानों में अधिकांश दुकान चाय व नाश्ते की थी. लोगों द्वारा प्रशासन पर इस कार्रवाई में भेदभाव का भी आरोप लगाया गया. अतिक्रमण मुक्ति अभियान में आरपीएफ थानाध्यक्ष श्रीकांत झा, जीआरपी थानाध्यक्ष केएन मिश्र सहित स्थानीय थाना पुलिस शामिल थे.

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