पैडी ट्रांसप्लांटर से धान की खेती पर लगा ग्रहण!

मधुबनी : खरीफ फसल में पैडी ट्रांसप्लांटर मशीन से धान रोपनी पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं. दरअसल, विभाग ने पैडी ट्रांसप्लांटर मशीन से धान रोपनी योजना में जिस प्रकार की कार्य योजना बनायी है. उससे इसके लक्ष्य को पूरा होने पर संदेह बन गया है. एक ओर सरकार व विभाग अनाज उत्पादन के […]

मधुबनी : खरीफ फसल में पैडी ट्रांसप्लांटर मशीन से धान रोपनी पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं. दरअसल, विभाग ने पैडी ट्रांसप्लांटर मशीन से धान रोपनी योजना में जिस प्रकार की कार्य योजना बनायी है. उससे इसके लक्ष्य को पूरा होने पर संदेह बन गया है. एक ओर सरकार व विभाग अनाज उत्पादन के बढ़ोतरी के दिशा में कई प्रकार की योजना चलाती है. दूसरी ओर संचालित होने वाले योजना में जिस प्रकार का दिशा निर्देश दिया गया है. उससे योजना के शुरू होने से पहले ही योजना के विफल होने की संभावना बन गयी है.
क्या है योजना
जिले में खरीफ 15-16 में धान उत्पादन में बढ़ोतरी के लिए पैडी ट्रांसप्लांटर योजना के तहत खेती करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया. योजना के तहत पंक्ति में मशीन से खेती की जानी है. इसके लिए किसानों को विभाग द्वारा बीज के साथ साथ प्रत्यक्षण की राशि भी दी जाती है. पैडी ट्रांसप्लांटर मशीन से खेती करने से किसानों को मजदूर की परेशानी के साथ साथ पारंपरिक तरीके से खेती में लगने वाले लागत की अपेक्षा करीब आठ हजार रूपये प्रति हेक्टेयर की बचत भी होती है. इसके साथ ही इस विधि से खेती करने से करीब 90 फीसदी रासायनिक खाद व 55 फीसदी पानी की भी बचत हो सकती है.
क्या है परेशानी
खरीफ 15-16 में पैडी ट्रांसप्लांटर से खेती का लक्ष्य विगत साल की अपेक्षा तीन गुणा तक अधिक हो गया है, पर अब तक जिले में मशीन का लक्ष्य ही निर्धारित नहीं हो सका है. दूसरी बात यह कि पैडी ट्रांसप्लांटर की खरीद पर अब तक किसानों को मिलने वाले अनुदान की राशि का निर्धारण भी नहीं हो सका है. ऐसे में किसानों के सामने यह परेशानी है कि वे पूरी राशि देकर मशीन खरीदने में सक्षम नहीं है. दूसरी ओर अनुदान की राशि का निर्धारण नहीं किया जा सका है.
वितरक हो रहे पीछे
विभाग के दिशा निर्देश से उत्पन्न स्थिति से विक्रेता व यंत्र मालिक योजना के संचालन से पीछे होने का मन बना रहे हैं. कई यंत्र मालिक व यंत्र विक्रेताओं ने बताया है कि विभाग का कार्य आदेश काफी पेचीदा है. इसके तहत काम करने वाले विक्रेताओं को राशि निकासी में परेशानी होगी. दरअसल, योजना के अनुसार यंत्र विक्रेता या यंत्र मालिक को धान प्रत्यक्षण की राशि किसानों के द्वारा दी जायेगी. जिसमें यंत्र मालिक व यंत्र विक्रेताओं को परेशानी होगी. यंत्र विक्रेताओं एवं मालिकों का कहना हे कि विभाग को मशीन से प्रत्यक्षण के लिये राशि सीधे तौर पर यंत्र मालिकों को देना चाहिए.
किसान सलाहकारों की हड़ताल जारी
सबसे परेशानी किसान सलाहकारों के हड़ताल से होने वाली है. किसान सलाहकार दो सूत्री मांगों को लेकर विगत कई दिनों से हड़ताल पर हैं. ऐसे में इस साल किसानों को प्रोत्साहित करने में भी विभाग को परेशानी हो रही है.
क्या कहते हैं अधिकारी
जिला कृषि पदाधिकारी शिलाजीत सिंह ने बताया है कि निदेशालय व विभाग के दिशा निर्देश के तहत ही योजना का संचालन किया जायेगा

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