समाज में जागरूकता जरूरी

मधुबनी : विकलांगता समाज के सामने सबसे बड़ी चुनौती है. इस चुनौती को दूर करने के लिये समाज में जागरूकता जरूरी है. उक्त बातें बिहार शिक्षा परियोजना के समावेशी शिक्षा के जिला समन्वयक डा. गौरी शंकर सिंह ने वाटसन स्कूल परिसर में आयोजित नि:शक्तता शिविर को संबोधित करते हुये की. उन्होंने कहा कि बिहार शिक्षा […]

मधुबनी : विकलांगता समाज के सामने सबसे बड़ी चुनौती है. इस चुनौती को दूर करने के लिये समाज में जागरूकता जरूरी है. उक्त बातें बिहार शिक्षा परियोजना के समावेशी शिक्षा के जिला समन्वयक डा. गौरी शंकर सिंह ने वाटसन स्कूल परिसर में आयोजित नि:शक्तता शिविर को संबोधित करते हुये की.
उन्होंने कहा कि बिहार शिक्षा परियोजना समाज में विकलांगता से ग्रसित 6 से 14 साल के छात्र-छात्राओं के बीच सहायक उपकरण का वितरण कर उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ती है. शिविर के दौरान 6 से 14 साल के कई श्रवण नि:शक्त छात्र छात्रएं उपस्थित थे. सभी को हियरिंग एड दिया गया.
क्या है हियरिंग एड
मूक बधिर छात्रों को सुनने में यह मदद करती है. श्रवण क्षमता के अनुसार छात्रों को उपकरण दी जाती है. इसकी कीमत बाजार में लगभग 2500 रुपये हैं. पर शिविर में सभी छात्र छात्राओं को हियरिंग एड या श्रवण यंत्र नि:शुल्क दिया गया. सभी हियरिंग एड पॉकेट साइज का है. ये बैटरी से चलते हैं.
सिर्फ सरकारी प्राइमरी व मिडिल स्कूल के छात्र छात्राओं को हियरिंग एड शिविर में नि:शुल्क दिया गया. कक्षा आठ की मूक बधिर छात्र पूजा कुमारी श्रवण यंत्र पाकर खुशी से उछल उठी. उसने इशारे से कहा कहा कि अब वह आसानी से सुन सकती है. उसने कहा कि अब वह बोलने की क्षमता को विकसित करने का प्रयास करेगी. वहीं कक्षा आठ की विभा कुमारी ने कहा कि यह उसके लिये सबसे अनमोल तोहफा है.
इसी कक्षा की मूक बधिर छात्र भारती कुमारी,रिंकी कुमारी,गंगा कुमारी,रंजन कुमारी,सुमन कुमारी के चेहरे पर मुस्कान थी. उनका चेहरा ही बोल रहा था कि वे श्रवण यंत्र पाकर खुश हैं. कक्षा सात की प्रीति कुमारी,नीलम कुमारी,अंजली कुमारी, सोनी कुमारी हियरिंग एड पाकर खुशी से उछल पड़ी. अधिकांश बच्चों के अभिभावक भी इस अवसर पर उपस्थित थे. उनकी आंखों में भी खुशी के आंसू छलक आये.कई छात्रों को भी हियरिंग एड मिला.
क्या कहते हैं अधिकारी
बिहार शिक्षा परियोजना के समावेशी शिक्षा के जिला समन्वयक डा. गौरी शंकर सिंह ने कहा कि जिले के लगभग 400 छात्र-छात्राओं को हियरिंग एड दिया गया है. उन्होंने कहा कि यह सिलसिला जारी रहेगा. उन छात्रों को हियरिंग एड दिया गया जो सरकारी स्कूल में नामांकित हैं व जिनकी जांच अक्तूबर 2014 में हुई थी. उन्होंने कहा कि कुछ नि:शक्त छात्रों को ट्राइसाइकिल भी दिया गया.

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