स्वस्थ मां और बच्चे के लिए तीन साल का अंतराल जरूरी, परिवार नियोजन मेले में विशेषज्ञों ने किया जागरूक

विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर मधुबनी सदर अस्पताल में परिवार नियोजन मेले का आयोजन किया गया. विशेषज्ञों ने दो बच्चों के बीच तीन साल के अंतराल और परिवार नियोजन के अस्थायी साधनों के महत्व पर जोर दिया.

Madhubani News: विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर शनिवार को सदर अस्पताल, मधुबनी में परिवार नियोजन मेले का आयोजन किया गया. मेले का उद्देश्य योग्य दंपतियों को परिवार नियोजन के विभिन्न साधनों की जानकारी देना, जनजागरूकता बढ़ाना और गुणवत्तापूर्ण परिवार नियोजन सेवाओं तक अधिक से अधिक लोगों की पहुंच सुनिश्चित करना था.

मेले का उद्घाटन सिविल सर्जन डॉ. हरेंद्र कुमार, प्रभारी एसीएमओ डॉ. एसएन झा और डीपीएम पंकज कुमार मिश्रा ने संयुक्त रूप से किया.

31 जुलाई तक चलेगा जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा

स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि जिले में 31 जुलाई 2026 तक जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा मनाया जा रहा है. इसके तहत परिवार नियोजन को लेकर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है और सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में विभिन्न सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं.

मेले में कंडोम, कॉपर-टी, अंतरा इंजेक्शन, माला-डी सहित परिवार नियोजन के अस्थायी साधनों से जुड़े स्टॉल लगाए गए, जहां लाभार्थियों को परामर्श के साथ सामग्री भी उपलब्ध कराई गई.

दो बच्चों के बीच तीन साल का अंतराल जरूरी

सिविल सर्जन डॉ. हरेंद्र कुमार ने कहा कि विश्व जनसंख्या दिवस 2026 की थीम "युवाओं की आशाओं और आकांक्षाओं को साकार करना – आज और भविष्य के लिए" है, जो युवाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और अधिकारों को मजबूत बनाने पर केंद्रित है.

उन्होंने कहा कि परिवार नियोजन पखवाड़ा के दौरान एक बच्चे वाले दंपतियों की काउंसिलिंग की जा रही है और उन्हें दूसरे बच्चे के जन्म से पहले कम से कम तीन वर्ष का अंतराल रखने की सलाह दी जा रही है.

उनके अनुसार, इससे मां और बच्चा दोनों स्वस्थ रहते हैं, बच्चे की रोग प्रतिरोधक क्षमता बेहतर होती है और भविष्य में बीमारियों का खतरा भी कम होता है. साथ ही नवविवाहित महिलाओं को 20 वर्ष की आयु के बाद पहले बच्चे की योजना बनाने की सलाह दी जा रही है.

सुरक्षित हैं परिवार नियोजन के अस्थायी साधन

प्रभारी एसीएमओ डॉ. एसएन झा ने कहा कि पखवाड़ा के दौरान सरकारी अस्पतालों में परिवार नियोजन के अस्थायी साधनों का निःशुल्क वितरण किया जा रहा है.

उन्होंने बताया कि कंडोम, कॉपर-टी, अंतरा, छाया और अन्य वैकल्पिक साधन सुरक्षित हैं और इनका उपयोग चिकित्सकीय सलाह के अनुसार किया जा सकता है. जिन महिलाओं के लिए तत्काल नसबंदी संभव नहीं है, उन्हें इन वैकल्पिक उपायों की जानकारी देकर जागरूक किया जा रहा है.

बड़ी संख्या में स्वास्थ्यकर्मी रहे मौजूद

कार्यक्रम में सिविल सर्जन डॉ. हरेंद्र कुमार, प्रभारी एसीएमओ डॉ. एसएन झा, डीपीएम पंकज कुमार मिश्रा, पिरामल फाउंडेशन के धीरज सिंह, डीपीसी प्रदीप कुमार यादव सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे. स्वास्थ्य विभाग ने आम लोगों से परिवार नियोजन सेवाओं का लाभ उठाने और स्वस्थ परिवार के लिए जागरूक रहने की अपील की.

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Published by: Aaruni Thakur

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