मधुबनी : बसंत ऋतु का आगमन हो चुका है. पर रात को गिरने वाली कोहरे के कारण ठंड जाने का नाम ही नहीं ले रहा है. आलम यह है कि सुबह 10-11 बजे तक कोहरे से सड़कों पर मुश्किल से दस फुट की दूरी तक ही लोगों को दिख पड़ता है. ऐसे में दुर्घटना की संभावना भी बनी रहती है. कोहरे के कारण काफी दुर्घटनाएं हो भी रही है. सुबह में धुंध के कारण कनकनी से लोग कांपते रहते हैं. फरवरी माह आने को है पर अब भी सुबह शाम लोग अलाव जलाते हैं ताकि शरीर को अलाव में सेका जा सके.
धुंध के कारण मॉर्निंग वाक करने वालों में कमी. आजकल घने कोहरे के कारण सुबह सबेरे मॉर्निंग वाक पर जाने वालों में भी काफी कमी हो गयी है. सेवानिवृत बैंक अधिकारी सुनील चंद्र मिश्र ने कहा कि घने धुंध के कारण सुबह में मार्निंग वाक पर जाने में डर लगता है. क्योंकि सड़क पर पांच मीटर भी नहीं दिखता ऐसे में दुर्घटना होने की संभावना रहती है. प्रमोद यादव ने कहा कि इस बार कई वर्षों के बाद इतने लंबे समय तक ठंड का अनुभव हो रहा है. रात को गिरने वाली कोहरा सुबह 11 बजे तक रहता है. इस कारण बच्चों को स्कूल जाने में भी परेशानी होती है.
दुर्घटना की संभावना. घने कोहरे के कारण सड़क पर दुर्घटना की संभावना हमेशा बनी रहती है. टांसपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष उमाशंकर ठाकुर उर्फ मुन्ना ठाकुर ने कहा कि इन दिनों बड़ी वाहनों बस, ट्रक, टांसपोर्ट वाहन जो रात एवं अहले सुबह चलती है. उन वाहनों के दुर्घटनाग्रस्त होने की संभावना प्रबल रहता है.
खासकर एनएच एवं एसएच पर वाहनें की रफ्तार काफी तेज रहता है. श्री ठाकुर ने उदाहरण देते हुए कहा कि सोमवार को ही झंझारपुर में हुए दुर्घटना का कारण कम विजिबलीटी ही था. इससे पूर्व भी एनएच 57 पर झंझारपुर एवं फुलपरास में सड़क किनारे खड़े वाहनों में पीछे से आकर वाहन की टक्कर हो चुकी है. जिला परिवहन पदाधिकारी सुशील कुमार ने बताया कि कोहरे में वाहन चलाते समय चालक लाइट का प्रयोग करें.
