एडीजे अष्टम ने सुनाया फैसला
मधुबनी : अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अष्टम के न्यायाधीश जयप्रकाश के न्यायालय में लखनौर थाना क्षेत्र में करीब आठ वर्ष पूर्व हुई मो. मोस्तकीन की हत्या के मामले को लेकर मंगलवार को सजा के बिंदु पर सुनवाई हुई. न्यायालय ने दोनों पक्षों के दलहल सुनने के बाद आरोपी लखनौर थाना क्षेत्र के मो. कलाम को दफा 302 भादवि में आजीवन कारावास की सजा सुनायी है.
साथ ही दस हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है. जुर्माने की राशि नहीं देने पर छह माह अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी. वहीं इसी कांड के अन्य तीन आरोपी मो. युसुफ, सूवेदा खातून एवं फातिमा खातून को दफा 307 भादवि में दस दस वर्ष कारावास की सजा सुनायी है. साथ ही प्रत्येक को पांच- पांच हजार रुपया जुर्माना भी लगाया है. जुर्माने की राशि नहीं देने पर छह- छह माह अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी.
अभियोजन ने की थी कड़ी सजा की मांग : उक्त मामले को लेकर सरकार कि ओर से बहस करते हुए अपर लोक अभियोजक मिश्री लाल यादव ने कहा था कि आरोपी द्वारा बहुत ही जघन्य अपराध किया गया है. इसलिए आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए. जिससे समाज के लिए एक उदाहरण हो और इस तरह का कोई दूसरा अपराध करने से पहले सोंचे. वहीं बचाव पक्ष से अधिवक्ता कृष्णदेव यादव ने बहस करते हुए कम से कम सजा की मांग की थी.
