15 तक नहीं हुआ आरओबी का निर्माण
मधुबनी : डीआरएम के आदेश के बाद भी स्टेशन के पुराने 12 नंबर गुमटी पर रेलवे द्वारा बनाये जा रहे आरओबी का कार्य 15 अगस्त तक पूरा नहीं हो पाया. वहीं रेलवें की शिथिलता का आलम यह रहा कि आरओबी का निर्माण कर रहे एजेंसी के द्वारा 1 वर्ष में निर्माण कार्य पूरा करने का […]
मधुबनी : डीआरएम के आदेश के बाद भी स्टेशन के पुराने 12 नंबर गुमटी पर रेलवे द्वारा बनाये जा रहे आरओबी का कार्य 15 अगस्त तक पूरा नहीं हो पाया. वहीं रेलवें की शिथिलता का आलम यह रहा कि आरओबी का निर्माण कर रहे एजेंसी के द्वारा 1 वर्ष में निर्माण कार्य पूरा करने का एकरारनामा के बाद भी अगस्त 19 तक निर्माण पूरा नहीं किया जा सका. 2 करोड़ 50 लाख की लागत से निर्माण होने वाला आरओबी मुख्यालय से चकदह को सीधे जोड़ेगा.
जिससे चकदह सहित दर्जनों गांवों के आवाजाही करने वाले लोगों को इस आरओबी से आने जाने में सुविधा होगी. आरओबी निर्माण होने के बाद जहां लोगों को जाम की समस्या से निजात मिलेगा वहीं लगभग 1 किलोमीटर की दूरी भी कम हो जायेगा. आरओबी के निर्माण होने से प्लेटफार्म 1 व 2 की लंबाई भी बढ जायेगा. जिससे स्वतंत्रता सेनानी जैसी बड़े कोच की ट्रेन का ठहराव प्लेट फार्म संख्या 1 पर हो सकेगा. आरओबी के निर्माण होने से ट्रेनों का रेलवे ट्रैक पर निर्वाध रूप से परिचालन होने के साथ साथ यात्री भी आरओबी का उपयोग कर सुरक्षित यात्रा कर पायेंगे.
15 तक निर्माण पूर्ण का दिया था आदेश. 27 जुलाई 19 को मंडल रेल प्रबंधक अशोक महेश्वरी द्वारा स्टेशन का निरीक्षण किया गया. निरीक्षण क्रम में अर्द्धनिर्मित आरओबी को 15 अगस्त तक हर हाल में पूर्ण करने का निर्देश डीआरएम द्वारा दिया गया.
लेकिन पदाधिकारियों की शिथिलता कहें या फिर एजेंसी की लापरवाही के कारण 15 अगस्त तक आरओबी का निर्माण पूरा नहीं किया जा सका. विदित हो कि आरओबी निर्माण कर्ता एजेंसी को रेलवे द्वारा 12 महीने में इसे पूरा करने का एकरारनामा किया था. लेकिन काम बीते 19 माह में भी पूर्ण नहीं किया जा सका. जिसके कारण सबसे अधिक परेशानी साइकिल सवार व पैदल यात्रियों को हो रही है. मुख्यालय से चकदह जाने के लिए इन लोगों को चकदह सहित अन्य जगह जाने के लिए 1 किलोमीटर की अतिरिक्त लंबी दूरी तय करना पड़ रहा है.
जाम से मिलेगी निजात
आरओबी निर्माण होने से जहां रेलवे ट्रैक पर निर्वाध गति से ट्रेनों का परिचालन सुनिश्चित होगा. वहीं रेलवे फाटक पर ट्रेन के आने जाने समय में लंबी ट्रैफिक जाम से भी निजात मिलेगा. सबसे अधिक सुविधा जयनगर नई दिल्ली जाने वाली स्वतंत्रता सेनानी सुपर फास्ट ट्रेन के यात्रियों को होगी. आरओबी निर्माण के बाद स्टेशन के 1 नंबर प्लेटफार्म की लंबाई भी बढ़ जायेगी.
जिसके बाद इन ट्रेनों का ठहराव 1 नंबर प्लेटफार्म पर भी हो सकेगा. इस संबंध में डीइएन संतोष भारती ने बताया कि एजेंसी द्वारा जनवरी 2018 से आरओबी का निर्माण कार्य प्रारंभ किया गया. 12 महीने का अनुबंध था. बेरियेशन के कारण कार्य में विलंब हुआ है. 15 सितंबर तक आरओबी का कार्य पूरा कर लिया जायेगा. जिसके बाद आरओबी को आम लोगों के लिए चालू कर दिया जायेगा.