मधुबनी : व्यवहार न्यायालय में जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कृष्ण मुरारी शरण ने बुधवार को योगदान देते हुए न्यायिक कार्य प्रारंभ कर दिया. श्री शरण 23 वी बैंच के न्यायिक पदाधिकारी हैं. उनकी प्रथम नियुक्ति 1989 में व्यवहार न्यायालय भागलपुर में हुई थी. वे इससे पूर्व व्यवहार न्यायालय मधेपुरा में परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश के पद पर थे. उनको पदोन्नति देते हुए उच्च न्यायालय पटना द्वारा जिला एवं सत्र न्यायाधीश बनाया गया है.
मालूम हो कि ओम प्रकाश द्वितीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश पद से 30 जून को सेवा निवृत हो गये थे. जिसके बाद से यह पद रिक्त था. श्री भूषण बहुत ही कर्मठ न्यायिक पदाधिकारी माने जाते हैं. पदभार ग्रहण करने के बाद जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने न्यायालय का निरीक्षण किया. इस दौरान वे नजारत, प्रतिलिपि विभाग सहित अन्य कार्यालय का निरीक्षण किया. वहीं प्रतिलिपि विभाग द्वारा नकल के लिये चिरकुट दाखिल में दिनांक के साथ साथ समय भी अंकित करने का निर्देश दिया. जिससे पक्षकारों को नकल मिलने में सहूलियत हो.
