लोग तरस रहे पानी को, बन रहा स्मार्ट सिटी का प्लान
मधुबनी : शहर को स्मार्ट सीटी बनाने की दिशा में नगर परिषद ने कवायद शुरू की है. पर स्मार्ट सीटी बनाने में कई चुनौतियां है. जिसे पूरा करने में वर्षों लग सकते है. हालांकि पिछले दिसंबर माह से नगर परिषद द्वारा इस दिशा में लगातार पहल किया जा रहा है. पर अब तक नप को […]
मधुबनी : शहर को स्मार्ट सीटी बनाने की दिशा में नगर परिषद ने कवायद शुरू की है. पर स्मार्ट सीटी बनाने में कई चुनौतियां है. जिसे पूरा करने में वर्षों लग सकते है. हालांकि पिछले दिसंबर माह से नगर परिषद द्वारा इस दिशा में लगातार पहल किया जा रहा है. पर अब तक नप को सफलता नहीं मिल सकी है.
हैदराबाद की एक प्राइवेट कंपनी से शहर का सर्वे कराया गया था. जिसका डीपीआर बना कर 10 जुलाई को नप सशक्त स्थायी समिति ने स्वीकृति दे दी. डीपीआर सरकार को भेजा जायेगा. सरकार से स्वीकृति मिलने के बाद इसका प्राक्कलन तैयार होगा. विधायक समीर कुमार महासेठ व मुख्य पार्षद सुनैना देवी ने बताया कि इस चुनौती के रूप में लेकर हमने पहल शुरू की है. हमारा प्रयास हो कि मधुबनी शहर स्मार्ट सीटी बने. इसके लिए पहले ग्रेटर मधुबनी के लिए काम शुरू किया गया है. सड़क, बिजली, पेयजल, सिवरेज सिस्टम आदि पर काम किया जा रहा है. जिसमें कुछ सफलता भी मिली है.
डीएम ने रखा था एजेंडा. 28 दिसंबर 2018 को दिशा की बैठक में डीएम शीर्षत कपिल अशोक ने इसे एजेंडा में शामिल किया था. स्थानीय विधायक समीर कुमार महासेठ, मुख्य पार्षद सुनैना देवी, तेलंगाना सरकार शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव आदित्य लाल दास ने इस दिशा में पहल शुरू कर शहर में सर्वे का काम शुरू करवाया था.जिसका डीपीआर तैयार किया गया है. जिसे सशक्त स्थायी समिति ने मंजूरी दे दी है.
डीपीआर तैयार करने में लगे छह महीने. पिछले दिसंबर माह में हैदराबाद की कंपनी नेशनल कंसंलटेंसी प्लांनिंग इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड की नौ सदस्यीय टीम कनीय अभियंता रामश्रय चौहान के नेतृत्व में सर्वे का काम शुरू की थी. शहर में सिवरेज सिस्टम, पेयजल, पार्क, अस्पताल आदि का सर्वे किया गया है.
मिलेगी सुविधा. स्मार्ट सीटी बनने के बाद स्थानीय लोगों को कई समस्याओं से निजात मिलेगी. सिवरेज सिस्टम बनने से लोगों को जहां जल जमाव से निजात मिलेगी. वहीं जलापूर्ति व्यवस्था दुरुस्त की जायेगी. जिससे पेयजल के लिए लोगों को जूझना नहीं पड़ेगा. शहर में जल संरक्षण के लिए तालाब की सफाई कर सौंदर्यीकरण का काम किया जायेगा. शहर में पार्क का निर्माण होगा. जिसे छुट्टी के दिनों में आनंद ले सकेंगे.