मधुबनी : 102 एंबुलेंस कर्मियों का कार्य बहिष्कार सोमवार को चौथे दिन भी जारी रहा. कर्मियों के कार्य बहिष्कार के कारण मरीजों को 102 एंबुलेंस सेवा का लाभ नहीं मिल पाया. जिसके कारण प्रसव कक्ष से डिस्चार्ज किये गये 11 प्रसूता को निजी भाड़े के वाहन से अस्पताल से घर जाना पड़ा. वहीं सोमवार को 10 गर्भवती महिलाएं भी निजी वाहन से ही प्रसव के लिए घर से अस्पताल आयीं.
एंबुलेंस कर्मियों का कार्य बहिष्कार जारी, मरीजों की बढ़ीं मुश्किलें
मधुबनी : 102 एंबुलेंस कर्मियों का कार्य बहिष्कार सोमवार को चौथे दिन भी जारी रहा. कर्मियों के कार्य बहिष्कार के कारण मरीजों को 102 एंबुलेंस सेवा का लाभ नहीं मिल पाया. जिसके कारण प्रसव कक्ष से डिस्चार्ज किये गये 11 प्रसूता को निजी भाड़े के वाहन से अस्पताल से घर जाना पड़ा. वहीं सोमवार को […]

102 एंबुलेंस के संचालक एजेंसी द्वारा चौथे दिन भी 102 एंबुलेंस के परिचालन की वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गयी. एजेंसी द्वारा नियुक्त एसीओ ने बताया कि 8-10 एंबुलेंस का परिचालन रविवार से शुरू कर दिया गया है. कंपनी व 102 एंबुलेंस कर्मियों की इस लड़ाई में मरीजों को आर्थिक क्षति हो रही है. वहीं कंपनी द्वारा अभी तक 102 एंबुलेंस के परिचालन के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है. जबकि कार्य बहिष्कार करने वाले कर्मियों ने एंबुलेंस की चाभी सौंपने की बात भी कई बार कही है.
मरीजों को नहीं मिल रही सेवा : 102 एंबुलेंस कर्मियों के कार्य बहिष्कार के कारण मरीजों को एंबुलेंस सेवा का लाभ नहीं मिल रहा है. जिस क्रम में सदर अस्पताल के इमरजेंसी में रविवार की देर रात दुर्घटना में घायल विरसैर निवासी अनिल पासवान की 35 वर्षीय पत्नी सुनिता देवी को भर्ती कराया गया. इमरजेंसी में रात्रि प्रहर में तैनात चिकित्सक डा. मुकेश कुमार द्वारा उसका इलाज किया गया. सोमवार को मरीज के मोमेरिंग टेंडेंसी व हेड इंज्यूरी के कारण डा. के कौशल द्वारा मरीज को बेहतर चिकित्सा सेवा के लिए डीएमसीएच रेफर किया गया.
परिजनों द्वारा निजी एंबुलेंस से मरीज को दरभंगा ले जाया गया. अनिल पासवान ने बताया कि वर्षा होने के कारण एंबुलेंस संचालक द्वारा 15 सौ रुपया लिया गया. इसके अलावा प्रसव कक्ष से सोमवार को 11 प्रसूताओं को डिस्चार्ज किया गया. जिसमें राधा देवी, गुंजन कुमारी, हीरा देवी, उर्मिला देवी, सीमा दवी, शवाना खातून, मंजू कुमारी, नासरीन परबीन, सोमनी देवी, विभा देवी के परिजनों द्वारा अपने अपने प्रसुता को आटो या अन्य साधनों से घर ले जाया गया. प्रसव कक्ष की प्रभारी ए ग्रेड माधुरी कुमारी ने बताया कि सोमवार को भी लगभग 10 गर्भवती महिला प्रसव के लिए सदर अस्पताल निजी वाहन से ही आयी.