वर्तमान एनजीओ के जिम्मे होगा शहर में साफ-सफाई का काम

टैक्स वसूली में कोताही बरतने वाले कर्मियों के खिलाफ होगी कारवाई मधुबनी : शहर में साफ सफाई का कार्य कर रहे एनजीओ निविदा प्रक्रिया पूरी होने तक कार्य करते रहेंगे. 30 जून को वर्तमान में कार्य कर रहे सरस्वती आर्ट एंड कल्चर सेंटर नामक एनजीओ का एकरारनामा समाप्त हो जायेगा. पर वैकल्पिक रूप से कार्य […]

टैक्स वसूली में कोताही बरतने वाले कर्मियों के खिलाफ होगी कारवाई
मधुबनी : शहर में साफ सफाई का कार्य कर रहे एनजीओ निविदा प्रक्रिया पूरी होने तक कार्य करते रहेंगे. 30 जून को वर्तमान में कार्य कर रहे सरस्वती आर्ट एंड कल्चर सेंटर नामक एनजीओ का एकरारनामा समाप्त हो जायेगा. पर वैकल्पिक रूप से कार्य करते रहेंगे. यह निर्णय सशक्त स्थायी समिति की बैठक में लिया गया.
मुख्य पार्षद सुनैना देवी की अध्यक्षता में आयोजित बैइक में मुख्य पार्षद द्वारा लाये गये 5 प्रस्ताव तथा प्रशासन द्वारा रखे गये तीन प्रस्ताव पर चर्चा के बाद सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया. बैठक में कार्यवाही शुरू होने के बाद उपमुख्य पार्षद बारिस अंसारी ने सफाई के लिए निविदा प्रकाशन का मुद्दा रखा. अन्य सदस्यों ने कहा कि निविदा प्रक्रिया में कम से कम एक से डेढ महीना का समय लगेगा. तब तक वर्तमान एनजीओ से काम लिया जाय.
मुख्य पार्षद ने कहा निविदा की प्रक्रिया शीघ्र अपनायी जायेगी. तब तक वर्तमान एनजीओ ही काम करेंगे. पांच सदस्यीय कमेटी सफाई की निगरानी रखेंगे. कमेटी के अध्यक्ष उपमुख्य पार्षद बारिस अंसारी तथा अन्य सदस्य मनीष कुमार सिंह, जयशंकर साह, रजा इश्तियाक तथा उमेश प्रसाद होंगे. बैठक में मुख्य पार्षद सुनैना देवी, उपमुख्य पार्षद बारिस अंसारी, कार्यपालक पदाधिकारी आशुतोष आनंद चौधरी, सदस्य मनीष कुमार सिंह, जयशंकर साह, सुनीता देवी उपस्थित थे.
वित्तीय स्थिति सुधार के लिए प्रस्ताव:
नगर परिषद के वित्तीय स्थिति सुधार के लिए कर वसूली में तेजी लाने पर विचार किया गया. सदस्य मनीष कुमार सिंह ने कहा कि संबंधित वार्ड के टैक्स कलेक्टर निर्धारित लक्ष्य पूरा करेंगे. तथा नये भवनों का रिपोर्ट सौंपे. इससे आर्थिक स्थिति सुदृढ हो सकती है. मुख्य पार्षद ने कहा कि टैक्स कलेक्टर 30 दिनों के अंदर लक्ष्य के अनुरूप टैक्स की वसूली करें. साथ ही नये भवन जिनका होल्डिंग निर्धारण नहीं हुआ है. उसकी रिपोर्ट कार्यालय को सौंपे. नहीं तो अनिवार्य सेवानिवृत दी जा सकती है.
होल्डिंग निर्धारण के लिए शुल्क : वैसे होल्डिंग धारक जिनके परिवार का होल्डिंग एक साथ चल रहा है. वे होल्डिंग अलग करना चाहते हैं. इसके लिए उन्हें होल्डिंग निर्धारण के लिए शुल्क देना होगा. सशक्तस्थायी समिति ने इस पर अपनी सहमति दे दी है. इसे दो कैटेगरी में रखा गया. एपीएल को 11 सौ तथा बीपीएल को 5 सौ रुपया शुल्क देकर होल्डिंग निर्धारित करा सकते हैं.

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