मधुबनी : बच्चों की स्कूल में गर्मी छुट्टी में दूसरे प्रदेश में जाकर मौज मस्ती करने के मंसूबे पर पानी फिर सकता है. बच्चों को बस से ही सफर करना होगा. बाहर जाने वालों के लिए हर साल की तरह इस बार भी टिकट के लिए गरमी में मारा मारी हो रही है. लंबी दूरी जाने वाली ट्रेन में सीटों के लिए महीनों पहले टिकट बुक हो चुकी है.
वर्तमान मे जो हालात बन गये हैं, उसमें अभी आगामी 12 जुलाई तक न तो परदेश जाने का टिकट मिल रहा है और न ही बाहर से गांव आने वालों को. ऐसे में तत्काल ही एक मात्र विकल्प बचा है. वहीं वेटिंग इतना है कि कंफर्म होना भी मुश्किल है. ऐसे में बच्चों के साथ बाहर जाकर गर्मी छुट्टी मनाना मुश्किल है. यहां बता दें कि अधिकांश स्कूलों में 27 मई से गर्मी छुट्टी हो रही है.
किसी ट्रेन में नहीं है कंफर्म टिकट
रेलवे से मिली जानकारी के अनुसार जयनगर से चलने वाली लंबी दूरी की ट्रेन में 12 जुलाई तक कंफर्म टिकट नहीं मिल रहा है. जिले से लंबी दूरी जाने वाली मेल एक्सप्रेस करीब आठ ट्रेन विभिन्न स्थानों पर जाती है. जिसमें स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस जो जयनगर से नई दिल्ली प्रतिदिन जाती है. जिसमें 12 जुलाई तक कंफर्म टिक नहीं है. वहीं गंगासागर एक्सप्रेस जो जयनगर से सियालदह तक प्रतिदिन जाती है. इसमें भी अगले माह तक कंफर्म टिकट नहीं मिल रहा.
जबकि सरयू जमुना एक्सप्रेस जो सप्ताह में तीन दिन रविवार, मंगलवार, शुक्रवार व शहीद एक्सप्रेस सप्ताह में चार दिन सोमवार, बुधवार, गुरुवार और शनिवार को जयनगर से अमृतसर जाती है. इसमें भी मई व जून में टिकट नहीं मिला रहा. जुलाइ माह में ही इसमें भी कंफर्म टिकट मिल सकता है. जबकि गरीब रथ सप्ताह में दो दिन जयनगर से आनंदबिहार जाती है. इसमें भी 10 जुलाई तक कंफर्म टिकट नहीं मिल रहा है.
गांव आने वाले हो रहे मायूस . परदेश से गांव आकर अपने दादा – दादी व परिवार के अन्य सदस्यों के साथ छुट्टी मनाने की मंशा पाले बच्चों को भी निराशा ही हाथ लगेगी, या फिर उनके अभिभावकों को इसके लिये रेलवे टिकट काउंटर का चक्कर लगाना होगा. किस्मत ठीक रही तो तत्काल में पैसे खर्च कर टिकट मिल जायेगा अन्यथा जेनरल बोगी में ही सफर करना होगा. किसी एसी बोगी मे भी टिकट उपलब्ध नहीं है. बाहर से आने वाले को भी 27 जून तक कंफर्म टिकट नहीं मिल रहा है.लोग वेटिंग टिकट भी नहीं ले पा रहे. वर्तमान में अधिकांश ट्रेन में वेटिंग 200 से तीन सौ पर चल रहा है. जिसके कंफर्म होने की संभावना शून्य ही है.
बस पर पड़ेगा दबाव
ट्रेन में कंफर्म टिकट नहीं मिलने पर लोगों को बस पर निर्भर रहना पड़ेगा. जिससे लोगों को जेब अधिक ढीली करना पड़ सकती है.
