निजी क्षेत्र में इलाजरत टीबी मरीजों की सूचना नहीं देने पर होगी कारवाई

दो साल के कारावास व आर्थिक दंड लगाने की हो सकती है सजा आइपीसी की धारा 269 व 270 के तहत होगी कार्रवाई टीबी फ्री इंडिया की दिशा में अच्छा कदम मधुबनी : सिविल सर्जन डाॅ अमर नाथ झा ने बताया कि जिला में ड्रग रेसिस्टेंट टीबी रोगियों के ससमय उपचार के लिए सदर अस्पताल […]

दो साल के कारावास व आर्थिक दंड लगाने की हो सकती है सजा

आइपीसी की धारा 269 व 270 के तहत होगी कार्रवाई
टीबी फ्री इंडिया की दिशा में अच्छा कदम
मधुबनी : सिविल सर्जन डाॅ अमर नाथ झा ने बताया कि जिला में ड्रग रेसिस्टेंट टीबी रोगियों के ससमय उपचार के लिए सदर अस्पताल में दो व अनुमंडलीय अस्पताल झंझारपुर में एक सीबी नैट मशीन स्थापित है. एसटीएस व एसटी एलएस के लंबे समय से रिक्त पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया अंतिम चरण में है. जल्द ही सभी रिक्त पदों पर नियुक्ति की जायेगी, जिससे की भारत सरकार के 2025 तक टीबी फ्री इंडिया कैंपेन को अमली जामा पहनाया जा सके. इस अवसर पर डा. सुंदरी मेस चिकित्सा पदाधिकारी टीबी डब्लूएचओ कांट्री आफिस, डा. दीपक वालासुब्रह्मणयम, डा. तसलीन सईद, सुश्री रवदीप सहित दरभंगा व सुपौल के सीडीओ उपस्थित रहे.

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