टीबी मुक्त अभियान के तहत 185 मरीजों को मिली पोषण किट, एक लाख से अधिक लोगों की हुई स्क्रीनिंग

मधुबनी जिले में 100 दिवसीय टीबी मुक्त अभियान के तहत 185 टीबी मरीजों को पोषण किट (फूड बास्केट) का वितरण किया गया. इस दौरान एक लाख से अधिक लोगों की टीबी स्क्रीनिंग भी हुई.

Madhubani News: राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत चलाए गए 100 दिवसीय टीबी मुक्त अभियान में मधुबनी जिले के 185 टीबी मरीजों के बीच पोषण किट (फूड बास्केट) का वितरण किया गया. स्वास्थ्य विभाग ने अभियान के दौरान मरीजों के इलाज के साथ-साथ उनके पोषण पर भी विशेष ध्यान दिया.

यह भी पढ़ें: हाइपोग्लाइसीमिया के 24 मामले मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, सभी अस्पतालों को विशेष निर्देश

एक लाख से अधिक लोगों की हुई टीबी स्क्रीनिंग

सिविल सर्जन कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार 24 मार्च से 7 जुलाई 2026 तक चले अभियान के दौरान 1 लाख 9 हजार 470 लोगों की टीबी स्क्रीनिंग की गई.

सीडीओ डॉ. जी.एम. ठाकुर ने बताया कि संभावित मरीजों की समय पर पहचान कर उनकी जांच और इलाज सुनिश्चित किया गया, ताकि संक्रमण के प्रसार को रोका जा सके.

185 मरीजों को मिली पोषण सहायता

डीपीएम पंकज मिश्रा ने बताया कि सहयोग शिविर के दौरान जिला प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और निक्षय मित्रों के सहयोग से 185 टीबी मरीजों के बीच फूड बास्केट का वितरण किया गया.

पोषण किट में आवश्यक खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई गई, ताकि मरीजों को इलाज के दौरान पर्याप्त पोषण मिल सके. विभाग का मानना है कि नियमित दवा के साथ संतुलित पोषण मरीजों के शीघ्र स्वस्थ होने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.

उन्होंने लोगों से टीबी मुक्त भारत एप के माध्यम से निक्षय मित्र बनकर टीबी मरीजों को पोषण सहायता देने की भी अपील की.

36 हजार से अधिक मरीज डॉट्स निगरानी में

डीपीसी पंकज कुमार ने बताया कि जिले में 36 हजार 852 मरीज डायरेक्ट ऑब्जर्व्ड ट्रीटमेंट (डॉट्स) व्यवस्था के तहत निगरानी में हैं.

इस व्यवस्था में स्वास्थ्यकर्मियों की देखरेख में मरीज नियमित रूप से दवा का सेवन करते हैं, जिससे इलाज बीच में छूटने की संभावना कम होती है और मरीज के पूरी तरह स्वस्थ होने की संभावना बढ़ जाती है.

समय पर जांच और पूरा इलाज जरूरी

स्वास्थ्य विभाग ने कहा कि टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए स्क्रीनिंग, समय पर जांच, निःशुल्क इलाज, पोषण सहायता और नियमित फॉलो-अप पर लगातार कार्य किया जा रहा है.

विभाग ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति को दो सप्ताह से अधिक समय तक खांसी, लगातार बुखार, वजन कम होना या रात में अधिक पसीना आने जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में टीबी की जांच कराएं.


प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Anil kunar jha

Published by: Sarfaraz Ahmad

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >