Madhubani News: बिहार के मधुबनी जिले में एक महिला गांव में स्थित मोबाइल टॉवर पर चढ़ गई. देखते ही देखते महिला टॉवर के सबसे ऊपरी हिस्से यानी करीब 120 फीट की ऊंचाई पर जा पहुंची और वहां जाकर आराम से बैठ गई.
पिछले दो घंटों से जारी इस मौत के खेल ने न सिर्फ ग्रामीणों बल्कि स्थानीय प्रशासन और पुलिस की भी नींद उड़ा दी है. मौके पर हजारों की भीड़ जमा है और हर कोई बस यही दुआ कर रहा है कि महिला सुरक्षित नीचे उतर आए.
120 फीट ऊपर महिला और नीचे बेबस प्रशासन
घटना की जानकारी मिलते ही हरलाखी थाना की पुलिस और अग्निशमन की टीम मौके पर पहुंच चुकी है. रेस्क्यू टीम महिला को नीचे उतारने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रही है, लेकिन ऊंचाई अधिक होने के कारण ऑपरेशन में काफी मुश्किलें आ रही हैं. टॉवर पर चढ़ी महिला का व्यवहार काफी अजीब है; वह कभी दो कदम नीचे उतरती है तो फिर अचानक ऊपर चढ़ जाती है.
पुलिस लाउडस्पीकर के जरिए लगातार महिला से संपर्क करने की कोशिश कर रही है और उसकी हर मांग पूरी करने का आश्वासन दे रही है. शोर-शराबे और ऊंचाई की वजह से महिला तक आवाज साफ नहीं पहुंच पा रही है, जिससे गतिरोध बना हुआ है.
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल
जैसे ही महिला के टॉवर पर चढ़ने की खबर फैली, आसपास के गांवों से हजारों लोग तमाशबीन बनकर वहां जमा हो गए. कई लोग इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर रहे हैं. भीड़ को नियंत्रित करना पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है.
महिला आखिर टॉवर पर क्यों चढ़ी, इसके पीछे की असली वजह अभी तक साफ नहीं हो पाई है. ग्रामीण इसे पारिवारिक विवाद से जोड़कर देख रहे हैं, तो कुछ लोग इसे मानसिक विक्षिप्तता का मामला बता रहे हैं. प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चिंता यह है कि कहीं महिला कोई आत्मघाती कदम न उठा ले.
रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
अग्निशमन विभाग की टीम जाल और हाइड्रोलिक क्रेन जैसी व्यवस्थाओं के साथ मुस्तैद है. टॉवर के चारों तरफ सुरक्षा घेरा बना दिया गया है. अधिकारी महिला को बातों में उलझाकर नीचे लाने की रणनीति अपना रहे हैं. अभी तक की स्थिति काफी तनावपूर्ण बनी हुई है क्योंकि महिला किसी की बात सुनने को तैयार नहीं है.
प्रशासन की ओर से विशेषज्ञों को भी बुलाने की तैयारी की जा रही है ताकि महिला को मानसिक रूप से समझा-बुझाकर इस खतरनाक स्थिति से बाहर निकाला जा सके. पूरा मधुबनी फिलहाल इस ‘हाई वोल्टेज ड्रामे’ के सुखद अंत का इंतजार कर रहा है. (इनपुट: रमन कुमार मिश्रा)
