पूर्णिया में 30 घंटे में दूसरी रेड, 40 हजार रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा गया रेवन्यू अफसर

Purnia Raid: बिहार के पूर्णिया में विजलेंड ब्यूरों की टीम ने रेवन्यू अफसर और उसकी महिला सहयोगी को 40 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है. इस कार्रवाई के बाद प्रशासनिक महकमे में हलचल तेज हो गई है.

Purnia Raid: बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे जीरो टॉलरेंस अभियान के तहत पूर्णिया में विजलेंस ब्यूरो ने कार्रवाई करते हुए पूर्णिया पूर्व अंचल के रेवन्यू अफसर लाल बाबू रजक और उनकी महिला सहयोगी रूबी कुंडी को 40 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों धर दबोचा.

यह पूर्णिया में पिछले 30 घंटों के भीतर निगरानी विभाग की दूसरी कार्रवाई है, जिसने प्रशासनिक गलियारों में खलबली मचा दी है. शुक्रवार को हुई इस गिरफ्तारी ने साबित कर दिया है कि घूसखोर अब डिजिटल हो रहे हैं या दूसरों के जरिए पैसे ले रहे हैं, लेकिन कानून की नजरों से बच पाना नामुमकिन है.

रेवन्यू अफसर ने सहयोगी को थमाई थी रिश्वत की रकम

गुलाबबाग वार्ड संख्या 35 की निवासी ललिता देवी अपनी साढ़े तीन कट्ठा जमीन का स्टे रिपोर्ट जारी करवाने के लिए राजस्व कर्मचारी लाल बाबू रजक के चक्कर काट रही थीं. आरोप है कि इस सरकारी काम के बदले कर्मचारी ने 50 हजार रुपये की मांग की थी.

लाल बाबू रजक ने खुद को सुरक्षित रखने के लिए एक शातिराना चाल चली. उसने पीड़िता से कहा कि वह पैसे उसे न देकर उसकी सहयोगी रूबी कुंडी को दे दे. उसे लगा कि सीधे हाथ में पैसे न लेने से वह पकड़ा नहीं जाएगा, लेकिन विजलेंस ब्यूरों की टीम ने सादे लिबास में पहले से ही जाल बिछा रखा था.

ऐसे फंसे दोनों आरोपी

ललिता देवी ने रिश्वत की मांग से तंग आकर पटना स्थित निगरानी विजलेंस ब्यूरो में शिकायत दर्ज कराई थी. डीएसपी अमरेंद्र प्रसाद विद्यार्थी के नेतृत्व में गठित धावा दल ने शिकायत का सत्यापन किया और शुक्रवार को पूर्णिया पूर्व अंचल अभिलेख भवन में धावा बोला.

जैसे ही ललिता देवी ने रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 40 हजार रुपये रूबी कुंडी के हाथों में थमाए, निगरानी की टीम ने झपट्टा मारकर दोनों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया. टीम ने मौके से रिश्वत की पूरी राशि बरामद कर ली है. पूछताछ में पता चला कि कुल 50 हजार की डील हुई थी, जिसमें से 10 हजार रुपये बाद में दिए जाने थे.

अब जेल की सलाखों के पीछे होंगे लाल बाबू

विजलेंस ब्यूरो डीएसपी ने बताया कि दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है.पूर्णिया में लगातार हो रही इन कार्रवाइयों से उन कर्मचारियों में डर बैठ गया है जो आम जनता के काम अटकाकर अपनी जेबें भरते हैं.

ललिता देवी की इस हिम्मत की चर्चा पूरे शहर में हो रही है, जिन्होंने घूस देने के बजाय कानून का दरवाजा खटखटाना बेहतर समझा. फिलहाल, दोनों आरोपियों को लेकर निगरानी की टीम पटना रवाना हो गई है, जहां विशेष अदालत में उन्हें पेश किया जाएगा. (इनपुट-अरुण कुमार)

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लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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