Madhubani में जमीन की खरीद बिक्री के नए नियम से क्रेता परेशान, रजिस्ट्री के लिए करना होगा इतना इंतजार

Madhubani में जमीन की खरीद बिक्री को लेकर सरकार द्वारा बनाये गए नये नियम से क्रेता को काफी परेशानी हो रही है. निबंधन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार अब पहले क्रेता को जमीन में लगने वाले निबंधन राशि जमा कर ऑनलाइन निबंधन के लिये समय लेने का प्रावधान कर दिया गया है.

Madhubani में जमीन की खरीद बिक्री को लेकर सरकार द्वारा बनाये गए नये नियम से क्रेता को काफी परेशानी हो रही है. निबंधन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार अब पहले क्रेता को जमीन में लगने वाले निबंधन राशि जमा कर ऑनलाइन निबंधन के लिये समय लेने का प्रावधान कर दिया गया है. अगर किसी खरीददार को तत्काल जमीन निबंधन कराना है तो वह मॉडल डीड के माध्यम से अपनी जमीन का निबंधन करा सकते हैं.

ऑनलाइन नही हो रहा बुकिंग

विभाग से मिली जानकारी के अनुसार अभी सामान्य विधि से सिर्फ 25 लोगों को ही जमीन की खरीद बिक्री के लिये बुलाया जाता है. जिसके कारण प्रत्येक दिन दर्जनों लोग लौट रहे हैं. मिली जानकारी के अनुसार अभी अगले 30 सितंबर तक सभी तरह के निबंधन पोर्टल फुल है. अगर किसी व्यक्ति को अभी निबंधन करना जरूरी होगा तो वे सिर्फ मॉडल डीड से ही निबंधन कर सकते हैं.

क्या है मॉडल डीड

जिला अवर निबंधन पदाधिकारी रिंकी कुमारी का कहना था कि जमीन खरीद के लिये पहले लोग कातिब के माध्यम से अपना मजमून तैयार करवा कर देते थे. लेकिन मॉडल डीड में क्रेता-बिक्रेता खुद मजमून तैयार कर देगें. जिसकी विभाग से जांच की जायेगी. उसके बाद क्रेता को उसका दस्तावेज मिल जाएगा. उनका कहना था कि मॉडल डीड से जमीन की खरीद बिक्री करना बहुत ही आसान है.

क्या कहते है कातिब

मॉडल डीड व सामान्य तरीके से जमीन की खरीद बिक्री को लेकर कातिब संघ के जिलाध्यक्ष गुंजेश्वर झा ने बताया कि विभाग का जो नया नियम बना है उससे जमीन खरीद करने वालों को भविष्य में बहुत परेशानी होने की संभावना है. कातिब पंकज कुमार सिंह ने बताया कि सामान्य विधि से जो निबंधन होता है. उसमें जमीन से संबंधित सभी बातों को दस्तावेज में दर्शाया जाता है. जैसे जमीन किसका है इससे पूर्व जमीन का मालिक कौन था. वर्बतमान विक्रेता को जमीन कहां से आया आदि बात लिखकर कातिब उसमें जमीन की चौहद्दी के साथ खाता खेसरा भरकर पहले उसको दोनों पार्टी को दिखाता है. उसके बाद ही जमीन का निबंधन किया जाता है. लेकिन मॉडल डीड में सिर्फ जमीन के वर्तमान मालिक का ही जिक्र किया जाता है. पंकज सिंह ने बताया कि अगर जमीन में किसी तरह का विवाद बढ़ता है तो पार्टी को टाइटल के समय में बहुत परेशानी का सामना करना पड़ेगा. कातिबों का कहना था कि मॉडल डीड को सरकार व विभाग बंद करे और पूर्व की तरह ही निबंधन की प्रक्रिया जारी करे.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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