अधिकारी हस्तक्षेप के बाद मामला हुआ शांत - मिठाही चौक स्थित एनएच-107 सहरसा–मधेपुरा मुख्य मार्ग पर बुधवार को छात्रों के उग्र प्रदर्शन के कारण सुबह 10 बजे से दोपहर 12:45 बजे तक करीब पौने तीन घंटे तक यातायात पूरी तरह बाधित रहा. सड़क जाम के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और यात्रियों को भारी परेशानी हुई. जानकारी मिलते ही पुलिस प्रशासन, बीडीओ और अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे. काफी समझाने-बुझाने के बाद छात्रों ने सड़क जाम खत्म किया, लेकिन वे सीधे विद्यालय पहुंचकर धरने पर बैठ गए और शिक्षक मुकेश कुमार की बहाली की मांग पर अड़ गये. इसके बाद सदर एसडीएम संतोष कुमार, बीडीओ अविनाश कुमार, बीईओ नवलकिशोर सिंह और स्थानीय मुखिया विकास कुमार विद्यालय पहुंचे. अधिकारियों ने छात्रों से वार्ता कर उनकी मांगों को उच्चाधिकारियों तक पहुंचाने और नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया. इसके बाद छात्रों ने प्रदर्शन समाप्त किया. प्रदर्शन खत्म होने के बाद अधिकारियों ने शिक्षकों के साथ बैठक की और विवाद के कारणों तथा विद्यालय की व्यवस्था पर चर्चा की. आंदोलन में शामिल छात्र रोहित कुमार, बादल कुमार तथा छात्राएं रानी कुमारी और अंतरा कुमारी ने आरोप लगाया कि कुछ शिक्षक राजनीति के तहत मुकेश कुमार को हटाना चाहते हैं और नियमित क्लास नहीं लेते. छात्रों ने कहा कि मुकेश कुमार के प्रभारी रहने पर अनुशासन और पढ़ाई बेहतर थी. - कहते है डीइओ - जिला शिक्षा पदाधिकारी संजय कुमार ने बताया कि मुकेश कुमार को विभागीय आदेश के बावजूद प्रभार नहीं सौंपने और स्पष्टीकरण का जवाब नहीं देने के कारण निलंबित किया गया है. जांच के बाद मोहम्मद इमरान आलम को वरीय पाए जाने पर उन्हें प्रभारी बनाया गया है. मामले की जांच के लिए एसडीएम, बीडीओ और बीईओ को भेजा गया है. रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई होगी. पूर्व प्रभारी मुकेश कुमार ने कहा कि उन्होंने बुधवार को ही प्रभार सौंप दिया था एवं निलंबन के बाद चौसा बीआरसी में योगदान भी दे दिया है. विभाग की अगली कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं.
एनएच 107 रोड जाम वाली खबर का अपडेट
सहरसा में एनएच-107 पर छात्रों ने शिक्षक की बहाली को लेकर किया चक्का जाम। अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद यातायात बहाल, जानें क्या है पूरा मामला।

प्रदर्शनकारी छात्रों से बात करते SDM | Prabhat Khabar Network