ओवरब्रिज निर्माण की धीमी रफ्तार से बढ़ी लोगों की परेशानी

ओवरब्रिज निर्माण की धीमी रफ्तार से बढ़ी लोगों की परेशानी

मधेपुरा. शहर के कर्पूरी चौक पर निर्माणाधीन ओवरब्रिज की धीमी रफ्तार ने आमजन की मुश्किलें बढ़ा दी है. लंबे समय से प्रतीक्षित इस परियोजना को लेकर स्थानीय लोगों में अब नाराजगी बढ़ने लगी है, जहां एक ओर निर्माण की रफ्तार सुस्त है. वहीं दूसरी ओर आवागमन बाधित होने के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. जानकारी के अनुसार ओवरब्रिज की अनुमानित लागत लगभग 72 करोड़ रुपये है. इस योजना को बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड द्वारा कार्यान्वित किया जा रहा है. इसका शिलान्यास वर्ष 2022 में किया गया था और निर्माण एजेंसी को दिसंबर 2024 तक काम पूरा करने का लक्ष्य दिया गया था, लेकिन वर्तमान हालात को देखकर लोगों को समय पर काम पूरा होने की उम्मीद कम नजर आ रही है. व्यवसायियों की कमाई पर असर कर्पूरी चौक और आसपास के इलाकों में स्थित दुकानदार और व्यवसायी सीधे तौर पर इस निर्माण कार्य से प्रभावित हो रहे हैं. निर्माण के कारण सड़क संकरी हो गयी है और जगह-जगह मिट्टी व निर्माण सामग्री जमा होने से ग्राहक उन क्षेत्रों में जाने से कतरा रहे हैं. इससे कारोबार में गिरावट दर्ज की जा रही है. कई दुकानदारों का कहना है कि जहां पहले दिन भर में अच्छी बिक्री हो जाती थी, अब ग्राहक ही नहीं पहुंच रहे हैं. स्कूल और दफ्तर जाने वाले भी परेशान हर दिन सुबह और शाम के समय जब लोग अपने काम या स्कूल-कॉलेज के लिए घर से निकलते हैं, तो उन्हें जाम और धूल-मिट्टी से जूझना पड़ता है. खासकर छात्र-छात्राएं और बुजुर्गों के लिए यह स्थिति और भी कठिन हो गयी है. वहीं कई बार निर्माण स्थल पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी भी देखने को मिलती है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है. रेलवे गुमटी जाम से कब मिलेगी राहत शहरवासियों का कहना है कि ओवरब्रिज बन जाने से रेलवे गुमटी पर लगने वाला जाम पूरी तरह खत्म हो जाएगा. जब भी कोई ट्रेन आती है, गेट बंद कर दिया जाता है और दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग जाती है. ऐसे में ओवरब्रिज निर्माण लोगों के लिए राहत की उम्मीद लेकर आया था, लेकिन काम की धीमी गति से निराशा हो रही है. निर्माण एजेंसी पर उठ रहे सवाल स्थानीय जनप्रतिनिधियों और आम जनता की ओर से निर्माण एजेंसी की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं. लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य में अनावश्यक देरी की जा रही है. कई बार मशीनें बंद पड़ी रहती हैं और मजदूरों की संख्या भी कम दिखायी देती है. प्रशासन से तेज काम की मांग लोगों ने जिलाधिकारी और संबंधित विभाग से मांग की है कि ओवरब्रिज के निर्माण को प्राथमिकता दी जाए और तय समयसीमा के अंदर इसे पूरा किया जाए. इसके अलावा निर्माण स्थल पर साफ-सफाई और वैकल्पिक रास्तों की व्यवस्था भी की जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके.

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By Kumar Ashish

Kumar Ashish is a contributor at Prabhat Khabar.

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