शिव शिष्य प्रभात कुमार रंजन गुड्ड के निधन पर श्रद्धांजलि सभा

देश के विभिन्न भू-भागों में शिव परिचर्चा के मंच पर एक भजन गाया जाता है आओ ऐसा कर्म हम करें कि मर भी जाए तो जिंदा रहे,

कुमारखंड जिले के कुमारखंड प्रखंड अंतर्गत बेलारी गांव में गुरुवार को शिव शिष्य प्रभात कुमार रंजन गुड्ड के निधन पर श्रृद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया. इसमें उपस्थित शिव के शिष्य भाई परमेश्वर कहा कि विगत 27 वर्षों से साहब श्री हरीन्द्रानन्द जी एवं दीदी मां नीलम आनंद के संकल्पों का संवाहक बनकर शिव कार्य को गति दिया. उन्होंने कहा कि वे वर्ष 1974 में शिव को अपना गुरु माना और अपने गुरु शिव के समक्ष शर्त रखा कि अब आप जैसा चाहेंगे हम वैसा ही करेंगे. उन्होंने कहा कि शर्त पर भगवान शिव ने दया, नमन के साथ शिव गुरु स्वरुप से जन जन को जोड़ने की प्रेरणा दी और उसी पथ के पथिक बनकर संपूर्ण भारत वर्ष में उन्होंने अपनी धर्म, कर्म एवं रचना से बेलारी गांव को पहचान दिलाई. उन्होंने कहा कि देश के विभिन्न भू-भागों में शिव परिचर्चा के मंच पर एक भजन गाया जाता है आओ ऐसा कर्म हम करें कि मर भी जाए तो जिंदा रहे, आज मरकर भी गुड्ड जी जिंदा है और रहेंगे. उन्होंने गुड्ड के परिवार को सांत्वना किया. मौके पर सहरसा से पहुंचे जटेश्वर राय,बिमल,अशोक राय,मुखिया बुलुर मुखिया, भीम, गिरवर चांद, राजकुमार, नरेश, प्रणव, राजेश, मिथिलेश, राजीव, आलमनगर से शुनील, संजय, पवन, पप्पू आदि ने गहरी संवेदना व्यक्त किया.

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By Kumar Ashish

Kumar Ashish is a contributor at Prabhat Khabar.

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