फोर्टीफाइड चावल से एनीमिया का नहीं रहता खतरा, मिला प्रशिक्षण

फोर्टीफाइड चावल से एनीमिया का नहीं रहता खतरा, मिला प्रशिक्षण

प्रतिनिधि, मधेपुरा

जिला मुख्यालय स्थित झल्लू बाबू सभागार में गुरुवार को जिला प्रोग्राम कार्यालय के सौजन्य से फोर्टिफाइड चावल, एनीमिया व पोषण ट्रैकर एप से संबंधित प्रशिक्षण सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, सभी प्रखंड समन्वयक व सभी महिला पर्यवेक्षिका को राज्य स्तरीय प्रशिक्षक वृंदा किडारो व राष्ट्रीय पोषण मिशन के जिला समन्वयक अंशु कुमारी ने दिया. राज्य स्तरीय प्रशिक्षक ने उपस्थित सभी पदाधिकारियों व कर्मियों को बताया कि फोर्टिफाइड चावल एक ऐसा पौष्टिक चावल है, जिसमें आयरन, फोलिक एसिड व विटामिन बी12 मौजूद रहते हैं. साथ ही इसमें एफआरके मिलाकर तैयार किया जाता है, जो आंगनबाड़ी केंद्र पर पंजीकृत बच्चों को गर्म पका भोजन के रूप में दिया जाता है, जिससे बच्चों का शारीरिक व बौद्धिक विकास होता है तथा गर्भवती माताओं को खाने से एनीमिया जैसे रोग नहीं होता है. यह चावल वर्तमान में आइसीडीएस के आंगनबाड़ी केंद्र, स्कूल के मध्यान भोजन व जन वितरण प्रणाली द्वारा दिया जाता है.इस चावल को पकाने के दौरान यह सावधानी रखनी है कि चावल जितने पानी से धोया जाय की उतनी ही व वही पानी से चावल तैयार हो जाय. फोर्टिफाइड चावल में फोर्टिफाइड राइस कर्नल गहरा सफेद चावल होता है, जिसे चुनकर या छानकर बाहर नहीं करने के लिए बताया गया. साथ ही इसका रख-रखाव फर्श नहीं लकड़ी पर करने है. कीटनाशक के दूर रखते हुआ चावल के बोरा को खुला नहीं रखने के लिए कहा गया.

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