मधेपुरा. वीमेंस कॉलेज में गुरुवार को महिला सशक्तिकरण सह स्वास्थ्य समस्या विषय पर एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया. सेमिनार में मुख्य वक्ता के रूप में श्री कृष्णा विश्वविद्यालय उदाकिशुनगंज मधेपुरा के कुलपति डॉ अशोक कुमार व भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय के विश्वविद्यालय स्नातकोत्तर गृह विज्ञान विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ बिमला कुमारी की उपस्थिति रही. अतिथि के रूप में सीएम साइंस कॉलेज मधेपुरा के सहायक प्राचार्य डॉ संजय कुमार परमार, आरपीएम डिग्री कॉलेज के सहायक प्राचार्य सह शिक्षक संघ के नेता डॉ अरुण कुमार, मधेपुरा कॉलेज मधेपुरा के डॉ दिनेश प्रसाद व जंतु विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ ब्रजेश कुमार मंडल उपस्थित हुये. महाविद्यालय प्राचार्य डॉ जूली ज्योति द्वारा उपस्थित सभी अतिथियों का स्वागत किया गया. स्वागत के क्रम में महाविद्यालय प्राचार्य डॉ जूली ज्योति द्वारा विश्वविद्यालय स्नातकोत्तर गृह विज्ञान विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ बिमला कुमारी को शॉल, पाग, बुके व डायरी से सम्मानित किया गया. आज भी महिलाओं के सशक्तिकरण की है आवश्यकता श्री कृष्णा विश्वविद्यालय उदाकिशुनगंज मधेपुरा के कुलपति डॉ अशोक कुमार ने कहा कि महिलाओं के कई रूप हैं. मां, बहन, पत्नी, बेटी समेत अन्य रूप है. यही कारण है कि महिलाओं को सृष्टि का जननी कहा गया है. धार्मिक दृष्टिकोण से देवी कहा गया है. वही शक्ति, लक्ष्मी व विद्या की देवी कहा गया है. भौतिक अथवा सांसारिक जीवन में गौर करें तो आज भी महिलाओं के सशक्तिकरण की आवश्यकता है. जिस दिन महिलायें शत प्रतिशत शिक्षित होंगी, देश अपने लक्ष्य को पा लेगा. उन्होंने कहा कि जिस रूप में महिलाओं को आदिकाल से जाना जाता है, वह सम्मान मिलना शुरू हो गया तो इसी धारा पर जन्नत अथवा स्वर्ग हो जायेगा. महिलाओं को प्रोत्साहन करने की है आवश्यकता विश्वविद्यालय स्नातकोत्तर गृह विज्ञान विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ बिमला कुमारी ने कहा कि परिवार अथवा देश का सर्वांगीण विकास तभी संभव है, जब महिलाओं को पुरुष के बराबर का अधिकार मिले. आज महिला जमीन से आसमान व एवरेस्ट व समंदर की गहराई को नाप चुकी है. बस महिलाओं को प्रोत्साहन करने की आवश्यकता है. सीएम साइंस कॉलेज मधेपुरा के सहायक प्राचार्य डॉ संजय कुमार परमार ने कहा कि कोसी के लिए यह वीमेंस कॉलेज, महिला सशक्तिकरण के लिए स्तंभ बनेगा. बीएनएमयू मुख्यालय में महिला महाविद्यालय का नहीं होना कहीं ना कहीं कमी महसूस हो रही थी, जो आज पूरा हो रहा है. महिलाओं के सशक्तिकरण में सबसे बड़ी कमी शिक्षा का अभाव आरपीएम डिग्री कॉलेज के सहायक प्राचार्य सह शिक्षक संघ के नेता डॉ अरुण कुमार ने कहा कि महिलाओं के सशक्तिकरण में सबसे बड़ी कमी शिक्षा का अभाव होना है. आज भी महिलाओं में शिक्षा को बढ़ाने की जरूरत है. यह अलग बात है कि श्रम की दृष्टिकोण से आधी आबादी के रूप में प्रतिनिधित्व हो रही है, लेकिन शैक्षिक रूप में कमी है. इस अवसर पर महाविद्यालय के सहायक अध्यापक डॉ नीलू कुमारी, डॉ प्रिया कुमारी, डॉ उपासना कुमारी, डॉ किरण कुमारी, डॉ अमरेश कुमार अमर, डॉ मुकेश कुमार, डॉ लक्ष्मण कुमार, सहायक प्राचार्य जय श्री कुमारी, काजल कुमारी, शबनम कुमारी, रिचा कुमारी, प्रियंका कुमारी, भारती कुमारी, डॉ प्रभात कुमार रंजन आदि उपस्थित थे.
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