मधेपुरा : केंद्र और राज्य सरकार ऊर्जा की खपत कम करने के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं. हाल ही में राज्य सरकार ने 125 यूनिट तक बिजली खपत पर उपभोक्ताओं को राहत देने की घोषणा भी की है. इसके बावजूद शहर में बिजली बचत के दावों की पोल खुलती नजर आ रही है. विभागीय लापरवाही के कारण कई स्थानों पर दिन में भी स्ट्रीट लाइटें जलती रहती हैं, जिससे बिजली की अनावश्यक बर्बादी हो रही है.
दिन में भी जलती रहती हैं स्ट्रीट लाइटें
नगर और आसपास के क्षेत्रों में कई जगहों पर स्ट्रीट लाइटें दिन के उजाले में भी जलती देखी जा सकती हैं. लोगों का कहना है कि संबंधित मार्गों से विभागीय अधिकारी और कर्मी भी गुजरते हैं, लेकिन इसके बावजूद इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जाता.
बिजली कटौती के बीच बढ़ रही नाराजगी
स्थानीय लोगों का कहना है कि एक ओर जरूरत के समय बिजली कटौती की जाती है, जबकि दूसरी ओर दिनभर स्ट्रीट लाइटें जलने से बिजली की बर्बादी हो रही है. इससे लोगों में विभाग के प्रति नाराजगी बढ़ रही है. उनका कहना है कि जहां बिजली बचाने के लिए आम लोगों को जागरूक किया जाता है, वहीं विभाग स्वयं इस दिशा में गंभीर नहीं दिख रहा है.
रोजाना हो रही बिजली की बर्बादी
लोगों के अनुसार शहर के मुख्य बाजार, स्टेट बैंक रोड, पंचमुखी चौक और कई गली-मोहल्लों में लगी स्ट्रीट लाइटें दिन में भी जलती रहती हैं. इससे प्रतिदिन लगभग 100 से 150 यूनिट तक बिजली की बर्बादी होने का अनुमान है, जिससे विभाग को भी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है.
लोगों ने कार्रवाई की मांग की
स्थानीय लोगों ने बिजली विभाग से मांग की है कि दिन में जल रही स्ट्रीट लाइटों को बंद कराने के लिए नियमित निगरानी की व्यवस्था की जाए. उनका कहना है कि ऊर्जा संरक्षण तभी संभव होगा, जब विभाग भी बिजली बचत को लेकर गंभीरता से काम करेगा.
