MADHEPURA गैस एजेंसी की मनमानी से आंगनबाड़ी केंद्रों में चूल्हे ठप, बच्चों के पोषाहार पर संकट
प्रखंड क्षेत्र के आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को मिलने वाला पोषाहार गैस सिलेंडर की किल्लत के कारण संकट में पड़ गया है.
ग्वालपाड़ा मधेपुरा से हीरानंद झा की रिपोर्ट MADHEPURA NEWS :
प्रखंड क्षेत्र के आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को मिलने वाला पोषाहार गैस सिलेंडर की किल्लत के कारण संकट में पड़ गया है. जिला प्रशासन और आईसीडीएस विभाग के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद स्थानीय गैस एजेंसियों द्वारा सिलेंडर की आपूर्ति बाधित किए जाने से सैकड़ों नौनिहालों का भोजन प्रभावित होने लगा है. ग्वालपाड़ा स्थित अनुराग एच.पी. गैस ग्रामीण वितरक के संचालक राजेश कुमार ने गैस आपूर्ति बाधित होने के पीछे तकनीकी कारण बताते हुए कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए निर्धारित उनकी ‘लॉगिन आईडी’ कार्य नहीं कर रही है. उनका कहना है कि जब तक यह समस्या दूर नहीं होती, तब तक नियमित आपूर्ति संभव नहीं है. हालांकि विभागीय स्तर पर इसे टालमटोल का तरीका माना जा रहा है. आंगनबाड़ी सेविका संघ की अध्यक्ष नूतन कुमारी ने इस स्थिति पर गहरी चिंता जताई है. उन्होंने कहा कि गैस उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में केंद्रों पर बच्चों के लिए भोजन तैयार करना असंभव हो हो रहा है. इससे न केवल दैनिक कार्य बाधित होंगे, बल्कि बच्चों के पोषण स्तर पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा. उन्होंने प्रशासन से तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा संबंधित एजेंसी पर कार्रवाई की मांग की है.सीडीपीओ दुर्गेश कुमार ने बताया कि जिलाधिकारी का स्पष्ट निर्देश हैं कि सभी गैस एजेंसियां आंगनबाड़ी केंद्रों को निर्बाध रूप से गैस उपलब्ध कराएं. इस संबंध में एजेंसी संचालकों को निर्देश भी दिया गया है. गैस आपूर्ति बाधित रहने से ‘धुआं रहित ईंधन’ योजना प्रभावित हो रही है और बच्चों का पोषाहार वितरणभी बाधित हो रहा है. आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से छोटे बच्चों, गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को पोषाहार उपलब्ध कराया जाता है. ऐसे में गैस की कमी से भोजन व्यवस्था प्रभावित होना गंभीर चिंता का विषय है. एक ओर सरकार आंगनबाड़ी केंद्रों को आधुनिक और धुआं रहित बनाने का दावा कर रही है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय स्तर पर गैस एजेंसियों की लापरवाही इन योजनाओं की गति पर सवाल खड़े कर रही है .