मधेपुरा . प्रखंड मुख्यालय स्थित उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय मलिया के प्रांगण में भारत स्काउट और गाइड का प्रवेश, प्रथम प्रशिक्षण शिविर प्रधानाध्यापक देवानंद मंडल की अध्यक्षता में हुई. प्रशिक्षण में बच्चों को अनुशासित जीवन जीने की कला, पढ़ाई में रुचि बढ़ाने, स्काउट चिह्न, नियम, प्रतिज्ञा, बाढ़ से बचने के लिए तंबू निर्माण, रस्सी से गांठ बनाने, कोर्स की पढ़ाई व अन्य बातें सिखायी गयी. प्रधानाध्यापक ने कहा कि स्काउट का प्रशिक्षण प्राप्त करने से बच्चे जीवन जीने की कला सीखते हैं. वे अच्छे नागरिक बनकर परिवार, समाज और देश की सेवा करते हैं. जिला प्रशिक्षण संगठन आयुक्त जयकृष्ण यादव ने कहा कि सरकारी नियमानुसार बच्चे स्काउट गाइड में तृतीय सोपान तक प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद रेलवे की नौकरी के क्षेत्र में बिहार पुलिस, आर्मी, बीएमपी फोर्स और महाविद्यालय में नामांकन के समय इत्यादि क्षेत्र में जाने में प्राथमिकता मिलती है. स्काउट मास्टर जयनारायण पंडित ने कहा कि स्काउट गाइड का प्रशिक्षण प्राप्त करने से बच्चे को नई ऊर्जा मिलती है. वे अनुशासनशील जीवन जीते हैं और देश की सेवा करते हैं. स्काउट विश्वसनीय, सबका मित्र और दूसरे स्काउट का भाई होता है. शिक्षक चंद्रदीप कुमार ने कहा स्काउट गाइड विनम्र होता है. स्काउट गाइड साहसी होता है. शिक्षक प्रवीण कुमार ने कहा स्काउट गाइड पशु पक्षियों का मित्र और प्रकृति प्रेमी होता है. शिक्षक गुलशन कुमार ने कहा कि स्काउट गाइड मन, वचन और कर्म से शुद्ध होता है. इस प्रशिक्षण में उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय मलिया, उत्क्रमित मध्य विद्यालय पीपरपत्ता, उत्क्रमित मध्य विद्यालय तुलसी बारी, श्रीगोरेलाल प्लस टू विद्यालय कावियाही, उत्क्रमित मध्य विद्यालय राजपुर हिंदी के बच्चों ने भाग लिया. मौके पर शिक्षक चंद्रदीप कुमार, ललन कुमार, प्रवीण चंद्र प्रभाकर, रंजीत कुमार दास, अभिभावक सिकंदर मंडल, ओमप्रकाश यादव, रामरूप ऋषिदेव, पिंटू कुमार, प्रभु रजक, सुरेश कुमार आदि मौजूद थे.
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