गुरु महाराज का है आदेश, नित्य नियम से सत्संग व ध्यान करो

गुरु महाराज का है आदेश, नित्य नियम से सत्संग व ध्यान करो

बिहारीगंज.

नया बाजार स्थित यशोदा नंदन महाविद्यालय परिसर में मंगलवार से दो दिवसीय सत्संग शुरू हुआ. बाबा राजनाथ जी ने भक्तों को भक्ति, सदाचार एवं सामाजिक सद्भाव का संदेश दिया. बाबा राजनाथ जी ने कहा कि हमलोगों के कल्याण के लिए गुरु महाराज का महत्तम आदेश है. नित्य प्रति सत्संग एवं ध्यान करना परम आवश्यक है. सुबह करेंगे शाम में नहीं करेंगे, दोपहर में करेंगे. रात में नहीं करेंगे तो ध्यान नहीं बनेगा. समतल भूमि पर समतल आसनी बिछाकर सूई की तरह सीध में बैठकर शरीर को पत्थर की तरह स्थिर कर सुबह तीन बजे से चार बजे ध्यान करें. साधु संतों के लिए तो बहुत समय रहता है ध्यान करने का, लेकिन गृहस्था आश्रम के लिए कम से कम तीन बार यानी त्रिकाल संध्या अवश्य करना चाहिये. इस तरह से बताया है ध्यान नहीं किया तो करते हुये भी नहीं किया.

सुबह दोपहर शाम इतना तो करना ही चाहिये. उन्होंने परम संत बाबा देवी साहब की चर्चा करते हुये कहा कि अगर बाबा देवी साहब आज रहते तो वह दीक्षा भी नहीं देते. उनका नियम कठोर था. जो दो घंटे ध्यान पर बैठते थे. उन्हें ही वह दीक्षा प्रदान करते थे. महर्षि मेंही परमहंस जी महाराज भी जब दीक्षा देते थे तो वे संतमत सिद्धांत को याद करवाते थे. जिन्हें याद रहता था उन्हें ही वे दीक्षा प्रदान करते थे. गुरु महाराज से जब तक डर नहीं लगेगा तब तक काल का डर नहीं हटेगा. इसलिये गुरु महाराज द्वारा बताये गये सिद्धांतों पर, उनके आदेश सत्संग नित अरुण ध्यान नित रहिये करत संलग्न हो वह विचार चोरी नशा हिंसा झूठ तजना चाहिये. अमल कीजिये एवं उनके बताये हुये रास्ते पर चलिये तभी परम कल्याण होगा. उपरोक्त दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय संतमत सत्संग के आयोजन बिहारीगंज के व्यवसायी हरदेव पोद्दार के सौजन्य से आयोजित किया गया था.

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By Kumar Ashish

Kumar Ashish is a contributor at Prabhat Khabar.

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