Madhepura News: मधेपुरा में लगातार बिजली कटौती और अनियमित विद्युत आपूर्ति से परेशान लोगों का गुस्सा आखिरकार सड़क पर फूट पड़ा. सहरसा-पूर्णिया मार्ग स्थित एनएच-231 पर चांदनी चौक के पास आक्रोशित ग्रामीणों ने घंटों सड़क जाम कर विरोध-प्रदर्शन किया. हाथों में तख्तियां लेकर प्रदर्शनकारियों ने बिजली विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और नियमित बिजली आपूर्ति बहाल करने की मांग की.
प्रदर्शन इतना व्यापक था कि एनएच-231 पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई. सहरसा से पूर्णिया और पूर्णिया से सहरसा जाने वाले यात्री, स्कूल बसें, मालवाहक वाहन और यहां तक कि एंबुलेंस भी जाम में फंस गईं. स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले 10-12 दिनों से क्षेत्र में बिजली की स्थिति बेहद खराब है और शिकायतों के बावजूद कोई स्थायी समाधान नहीं निकला.
10-12 दिनों से बिजली संकट, लोगों का धैर्य टूटा
प्रदर्शनकारियों के अनुसार क्षेत्र में पिछले कई दिनों से बिजली आपूर्ति लगभग ठप जैसी स्थिति में है. लोगों का आरोप है कि दिनभर में केवल दो से तीन घंटे बिजली मिल रही है और वह भी बार-बार कट रही है.
रात में भी लंबे समय तक अंधेरा रहने से लोगों की दिनचर्या पूरी तरह प्रभावित हो गई है. उमस और गर्मी के कारण बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ रही है.
स्थानीय निवासी मो नजीर उद्दीन ने बताया कि लगातार बिजली कटौती के कारण छात्रों की पढ़ाई बाधित हो रही है और छोटे व्यवसायियों का काम प्रभावित हो गया है. इन्वर्टर और जनरेटर के सहारे काम चलाना लगातार महंगा पड़ रहा है.
शिकायत के बाद भी नहीं हुई सुनवाई
ग्रामीणों का कहना है कि बिजली विभाग के कार्यालय में कई बार मौखिक और लिखित शिकायत की गई, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ.
लोगों का आरोप है कि जब लगातार शिकायतों के बाद भी बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ, तब मजबूर होकर सड़क जाम का निर्णय लेना पड़ा. प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यदि समय पर कार्रवाई होती, तो लोगों को सड़क पर उतरने की नौबत नहीं आती.
एनएच-231 पर थम गया यातायात
सड़क जाम के कारण एनएच-231 पर दोनों दिशाओं में वाहनों की लंबी कतार लग गई. कई यात्री घंटों तक जाम में फंसे रहे.
स्कूल बसों में बैठे बच्चों, मरीजों को लेकर जा रही एंबुलेंस और आवश्यक सामान ढो रहे मालवाहक वाहनों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. स्थानीय लोगों ने बताया कि जाम के कारण आसपास के क्षेत्रों में भी यातायात व्यवस्था प्रभावित हो गई.
प्रशासन और बिजली विभाग मौके पर पहुंचा
जाम की सूचना मिलते ही अंचलाधिकारी, थाना प्रभारी और बिजली विभाग के कनीय अभियंता पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे.
अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की और उनकी शिकायतें सुनीं. काफी देर तक चली वार्ता के बाद बिजली विभाग की ओर से लिखित आश्वासन दिया गया कि 48 घंटे के भीतर समस्या दूर करने का प्रयास किया जाएगा.
33 हजार लाइन और ट्रांसफार्मर में फॉल्ट का दावा
बिजली विभाग के कनीय अभियंता ने प्रदर्शनकारियों को बताया कि 33 हजार वोल्ट लाइन में फॉल्ट और ट्रांसफार्मर संबंधी तकनीकी समस्या के कारण बिजली आपूर्ति बाधित हो रही है.
उन्होंने आश्वासन दिया कि अगले 48 घंटे के भीतर फॉल्ट ठीक कर लगभग 20 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा. लिखित आश्वासन मिलने के बाद प्रदर्शनकारियों ने जाम समाप्त कर दिया और एनएच-231 पर आवागमन बहाल हुआ.
Madhepura News: लोगों ने दी आंदोलन तेज करने की चेतावनी
जाम समाप्त होने के बाद भी ग्रामीणों का आक्रोश पूरी तरह शांत नहीं हुआ. प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ, तो चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जाएगा.
उन्होंने बिजली विभाग के कार्यालय का घेराव करने की भी चेतावनी दी. स्थानीय लोगों का कहना है कि बिजली जैसी बुनियादी सेवा में लगातार अव्यवस्था स्वीकार नहीं की जा सकती और प्रशासन को इस मामले में स्थायी समाधान सुनिश्चित करना होगा.
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