मधेपुरा में शनिवार की सुबह मंदिरों में गूंजे भक्ति के स्वर: बाबा सिंहेश्वर नाथ धाम में उमड़ा आस्था का जनसैलाब, हर-हर महादेव से गूंजा परिसर

मधेपुरा जिले में शनिवार की सुबह का नजारा पूरी तरह आध्यात्मिक और भक्तिमय बना रहा. भोर होते ही जिला मुख्यालय सहित ग्रामीण क्षेत्रों के विभिन्न ऐतिहासिक और स्थानीय मंदिरों में पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. शंखध्वनि, घंटियों की गूंज और भक्ति गीतों से पूरा वातावरण सराबोर नजर आया. श्रद्धालुओं ने देवालयों में शीश नवाकर अपने परिवार की सुख, शांति, उत्तम स्वास्थ्य और समृद्धि की मंगलकामना की.

बाबा सिंहेश्वर नाथ मंदिर में लगी लंबी कतारें, भक्तों ने किया जलाभिषेक

जिले के सुप्रसिद्ध और ऐतिहासिक पौराणिक स्थल बाबा सिंहेश्वर नाथ मंदिर में शनिवार तड़के से ही भक्तों का तांता लगा रहा. उत्तर बिहार और पड़ोसी देश नेपाल तक से आए श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर अपनी बारी का इंतजार किया.

पूजा का मुख्य आकर्षण:

  • विधि-विधान से अनुष्ठान: भक्तों ने पवित्र गर्भगृह में स्थापित शिवलिंग पर गंगाजल, दूध, बेलपत्र, धतूरा और पुष्प अर्पित कर बाबा का विधि-विधान से श्रृंगार और जलाभिषेक किया.
  • जयघोष से गुंजायमान परिसर: सुबह की महाआरती के समय पूरा मंदिर परिसर ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के गगनभेदी जयघोष से लगातार गुंजायमान होता रहा.

दुर्गा मंदिर और हनुमान मंदिर में भी टेका माथा, महिलाओं की रही अधिक भीड़

बाबा धाम के अलावा शहर के अन्य प्रमुख सिद्धपीठों और मंदिरों में भी सुबह से ही विशेष रौनक देखी गई:

  • दुर्गा चौक स्थित दुर्गा मंदिर: शहर के हृदय स्थली दुर्गा चौक पर स्थित मां दुर्गा के मंदिर में सुबह से ही माता रानी के दर्शन के लिए भक्तों की लंबी कतारें लगीं. यहाँ विशेष रूप से महिलाओं और युवतियों की उपस्थिति पुरुषों की तुलना में काफी अधिक देखी गई. महिलाओं ने पारंपरिक गीतों के बीच मां का खोइछा भरकर सुखद भविष्य का वरदान मांगा.
  • स्टेट बैंक रोड स्थित हनुमान मंदिर: शनिवार का विशेष दिन होने के कारण स्टेट बैंक रोड पर अवस्थित संकटमोचन हनुमान मंदिर में महावीरी पताकाओं के बीच भक्तों ने बजरंगबली के दर्शन किए. यहाँ भक्तों द्वारा सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा और सुंदरकांड का पाठ किया गया.

सुरक्षा और सुविधा के रहे कड़े इंतजाम, शांतिपूर्ण संपन्न हुई पूजा

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और गर्मी के मौसम को देखते हुए विभिन्न मंदिर प्रबंधन समितियों और स्थानीय प्रशासन की ओर से व्यापक एवं पुख्ता इंतजाम किए गए थे.

भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुरुष और महिला श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग बैरिकेडिंग (कतार) की व्यवस्था की गई थी. साथ ही, धूप से बचने के लिए शेड और पीने के लिए शुद्ध शीतल पेयजल के काउंटर लगाए गए थे. सुबह से लेकर दोपहर तक दर्शन और जलार्पण का यह सिलसिला अनवरत और शांतिपूर्ण ढंग से चलता रहा, जिससे कहीं भी किसी अप्रिय स्थिति या अफरा-तफरी की शिकायत सामने नहीं आई.

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Published by: Divyanshu Prashant

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