विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के मधेपुरा जिला कार्यालय में एक गरिमामय श्रद्धांजलि सभा एवं विचार संगोष्ठी का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में वर्ष 1947 में भारत विभाजन के दौरान अपने प्राण, परिवार और आशियाना गंवाने वाले लाखों निर्दोष देशवासियों के बलिदान और संघर्ष को नमन किया गया. इस दौरान उपस्थित नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इतिहास के इस सबसे दर्दनाक अध्याय से सीख लेते हुए अखंड भारत और सामाजिक समरसता की रक्षा का संकल्प दोहराया.
विभाजन का दर्द देश कभी नहीं भूल सकता: रामनरेश सिंह
संगोष्ठी के मुख्य वक्ता रामनरेश सिंह ने विभाजन की विभीषिका पर विस्तार से प्रकाश डाला:
- इतिहास से सीख जरूरी: उन्होंने कहा कि विभाजन का दर्दनाक दंश देश कभी नहीं भूल सकता. इतिहास की इस भीषण त्रासदी से सीख लेते हुए हमें राष्ट्रीय एकता, अखंडता और सामाजिक सद्भाव को और अधिक सशक्त करना होगा.
- नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा: विभाजन के दौरान प्रभावित परिवारों और अनगिनत बलिदानियों का स्मरण नई पीढ़ी को देश के कठिन अतीत और स्वतंत्रता के वास्तविक मूल्य से अवगत कराता है.
एकता और अखंडता को मजबूत करने का दिन: जिलाध्यक्ष दीपक कुमार
भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक कुमार ने अपने संबोधन में कहा:
"विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस केवल अतीत की कड़वी यादों को दोहराने का दिन नहीं है, बल्कि यह राष्ट्र की संप्रभुता, एकता और अखंडता को अक्षुण्ण बनाए रखने का दृढ़ संकल्प लेने का अवसर है."
कार्यक्रम को प्रो. ललन कुमार आद्री, बिहार पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य स्वदेश कुमार, अमोल राय एवं त्रिभुवन मंडल ने भी संबोधित किया और विस्थापित परिवारों की पीड़ा को रेखांकित किया.
बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी व कार्यकर्ता रहे मौजूद
श्रद्धांजलि सभा और संगोष्ठी के दौरान पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से लेकर मंडल स्तर के कार्यकर्ताओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई:
- प्रमुख उपस्थितियां: कार्यक्रम में जिला महामंत्री विनोद सरदार व विवेकानंद सिंह, नमो ऐप जिला संयोजक सुभाष चौहान, जिला उपाध्यक्ष अभिषेक शाह मौजूद रहे.
- मोर्चा व मंडल अध्यक्ष: मोर्चा अध्यक्ष अजीत सिंह, योगेंद्र राम, दिलशाद आलम के साथ-साथ मंडल अध्यक्ष संतोष मल्लिक, राहुल राय, सुनील सिंह, कंचन कुमार, संदीप ठाकुर, सुधीर भगत, अंकेश गोप, मनीष कुमार, पम्पोल यादव, सुदेश मेहता और शाहिद सहित दर्जनों कार्यकर्ता उपस्थित रहे.
