जैविक खेती करने से रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता होगी कम

जैविक खेती करने से रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता होगी कम

मधेपुरा . बिहार कौशल विकास मिशन अंतर्गत आठ दिवसीय प्रशिक्षण आरपीएल (वर्मी कम्पोस्ट उत्पादक, तृतीय बैच) वर्जन 4.0 का शुभारंभ सोमवार को हुआ, जिसका उद्घाटन जिला कृषि पदाधिकारी-सह-आत्मा के परियोजना निदेशक रीतेश रंजन, जिला उद्यान पदाधिकारी मो जावेद ने किया. प्रशिक्षण 23 फरवरी तक चलेगा. डीएओ ने कहा कि यह प्रशिक्षण स्वरोजगार व आय वृद्धि की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है. उन्होंने बताया कि प्रशिक्षणार्थी इस कौशल का उपयोग कर कृषि विभाग द्वारा संचालित वर्मी कम्पोस्ट उत्पादन योजना के अंतर्गत विभिन्न अनुदान एवं योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकते हैं. इससे जैविक खेती को बढ़ावा मिलेगा तथा रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम होगी. जिला उद्यान पदाधिकारी ने वर्मी कम्पोस्ट के कृषि में महत्व, मृदा स्वास्थ्य सुधार व पर्यावरण संरक्षण में इसकी भूमिका पर प्रकाश डाला. उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों से आग्रह किया कि वे इस अवसर का समुचित लाभ उठाकर आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ें. प्रशिक्षण में प्रशिक्षक के रूप में मनीष कुमार, धनंजय कुमार पाण्डेय मौजूद थे. प्रशिक्षणार्थी के रूप में अनु भारती, बेबी कुमारी, लवली कुमार, संजीव कुमार, शंभुशरण यादव आदि मौजूद थे.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Kumar ashish

कुमार आशीष 15 वर्षों से प्रभात खबर समूह के साथ पत्रकारिता जगत में सक्रिय हैं. दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक और भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली से जनसंचार में डिग्री प्राप्त करने के बाद इन्होंने राजनीति, अपराध और कोसी अंचल की रिपोर्टिंग में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है. डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पिछले पांच वर्षों से सक्रिय हैं. पत्रकारिता में उत्कृष्ट योगदान के लिए इन्हें नेपाल में 'अंतरराष्ट्रीय मैथिली युवा पत्रकारिता सम्मान' से नवाजा जा चुका है.

और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >