शहर के बाजार में खाद्य पदार्थों की बढ़ती कीमतों ने आम परिवारों की परेशानी बढ़ा दी है. पहले हरी सब्जियों की महंगाई और अब प्याज-आलू के बढ़ते दाम ने लोगों के घरेलू बजट को प्रभावित किया है. प्याज इन दिनों 40 से 45 रुपये प्रति किलो बिक रहा है, जबकि एक माह पहले 20 रुपये किलो के आसपास था. वहीं आलू की कीमत भी बढ़कर 28 से 30 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है. दाल, खाद्य तेल और आटा समेत रोजमर्रा के किराना सामानों की कीमतों में भी तेजी देखी जा रही है.
प्याज के दाम बढ़े, लेकिन खपत पर ज्यादा असर नहीं
थोक कारोबारियों के अनुसार शहर के बाजार में प्रतिदिन करीब 200 से 250 क्विंटल प्याज की खपत हो रही है. कीमत बढ़ने के बावजूद मांग में मामूली ही कमी आई है. कारोबारियों का कहना है कि प्याज रोजमर्रा के भोजन का अहम हिस्सा है, इसलिए कीमत बढ़ने के बाद भी लोग इसकी खरीदारी कर रहे हैं. प्याज के कारोबार से प्रतिदिन लाखों रुपये का कारोबार हो रहा है.
आलू-प्याज का रोजाना लाखों का कारोबार
आलू और प्याज शहर के बाजार के प्रमुख कारोबार में शामिल हैं. कारोबारियों के मुताबिक आलू की प्रतिदिन बड़ी मात्रा में बिक्री होती है, जबकि प्याज की खपत भी करीब 200 से 250 क्विंटल प्रतिदिन है. दोनों उत्पादों को मिलाकर रोजाना करीब 10 से 15 लाख रुपये का कारोबार होने का अनुमान है. कीमत बढ़ने के बावजूद इनकी मांग बनी हुई है.
नासिक और इंदौर से नई आवक शुरू, प्याज में राहत की उम्मीद
प्याज कारोबारी शिवम के अनुसार आने वाले दिनों में प्याज की कीमत में नरमी की संभावना बन सकती है. बाजार में नासिक और इंदौर से नए प्याज की आवक शुरू हो गई है. इससे आपूर्ति बढ़ने पर कीमतों पर दबाव आ सकता है. वहीं आलू की कीमत में अभी कुछ और तेजी आने की आशंका जताई जा रही है, क्योंकि आलू की नई बुवाई का मौसम शुरू होने वाला है.
महंगाई ने थाली से हरी सब्जियां की दूर
सब्जियों की कीमत बढ़ने से आम लोगों की थाली पर भी असर पड़ा है. बाजार में टमाटर 60 से 70 रुपये, भिंडी 30 से 40 रुपये, मिर्च 60 से 80 रुपये और फूलगोभी 100 से 120 रुपये प्रति किलो बिक रही है. परवल 40 से 50 रुपये, बैंगन 30 से 40 रुपये, लौकी 30 से 40 रुपये और शिमला मिर्च 180 से 200 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है. लोगों का कहना है कि बढ़ती कीमतों के कारण हरी सब्जियां खरीदना मुश्किल हो रहा है.
दाल, तेल और आटे के दाम ने भी बढ़ाई परेशानी
किराना बाजार में भी महंगाई का असर साफ दिखाई दे रहा है. अरहर दाल 80 से 100 रुपये, मूंग 120 से 140 रुपये और चना दाल 75 से 90 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है. खाद्य तेल 190 से 200 रुपये और रिफाइन 170 से 180 रुपये प्रति लीटर तक बिक रहा है. आटा भी 34 से 36 रुपये किलो हो गया है. इससे मध्यम और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए घरेलू बजट संभालना मुश्किल हो रहा है.
फलों के दाम भी बढ़े, आम लोगों की पहुंच से बाहर
सब्जियों के साथ फलों की कीमतों में भी तेजी है. बाजार में संतरा करीब 150 से 180 रुपये और मौसमी 80 से 100 रुपये प्रति किलो बिक रही है. सेब की कीमत करीब 200 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है. कारोबारियों के अनुसार मांग बढ़ने और थोक तथा खुदरा कीमतों में अंतर के कारण ग्राहकों को अधिक कीमत चुकानी पड़ रही है.
हर साल प्याज की कीमत बनती है चिंता का कारण
शहर के लोगों का कहना है कि प्याज की कीमतों में तेजी कोई नई बात नहीं है. बाढ़, सूखा, उत्पादन में कमी और जमाखोरी जैसी वजहों से कई बार प्याज के भाव अचानक बढ़ जाते हैं. उपभोक्ताओं के अनुसार सरकारें कीमतों को नियंत्रित करने के लिए कई कदम उठाती हैं, लेकिन मौसमी तेजी के दौरान आम परिवारों पर महंगाई की मार पड़ ही जाती है.
एक नजर किराना सामान के भाव
| सामान | पहले | अब |
| चीनी | 38 रुपये | 60-62 रुपये |
| अरहर दाल | 60 रुपये | 80-100 रुपये |
| मूंग | 80 रुपये | 120-140 रुपये |
| चना दाल | 65 रुपये | 75-90 रुपये |
| चना | 60 रुपये | 75-80 रुपये |
| तेल | 100 रुपये | 190-200 रुपये |
| रिफाइन | 105 रुपये | 170-180 रुपये |
| आटा | 22 रुपये | 34-36 रुपये |
एक नजर सब्जियों के भाव
| सब्जी | पहले | अब |
| आलू | 12 रुपये | 28-30 रुपये |
| टमाटर | 20 रुपये | 60-70 रुपये |
| भिंडी | 20 रुपये | 30-40 रुपये |
| मिर्च | 30 रुपये | 60-80 रुपये |
| बैंगन | 20 रुपये | 30-40 रुपये |
| परवल | 30 रुपये | 40-50 रुपये |
| करेला | 20 रुपये | 30-40 रुपये |
| पत्ता गोभी | 40 रुपये | 50-60 रुपये |
| फूलगोभी | 30 रुपये | 100-120 रुपये |
| बरबटी | 50-60 रुपये | 60-70 रुपये |
| प्याज | 20 रुपये | 40-45 रुपये |
| लौकी | 20 रुपये | 30-40 रुपये |
| शिमला मिर्च | 100 रुपये | 180-200 रुपये |
