चार अभ्यर्थियों के आत्महत्या के विरोध में एनएसयूआई ने निकाला कैंडल मार्च
नीट यूजी पेपर लीक पर रोक लगाने में सरकार की नाकामी और इसकी वजह चार अभ्यर्थियों के आत्महत्या करने के खिलाफ मधेपुरा में एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने प्रदेश उपाध्यक्ष निशांत यादव के नेतृत्व में कैंडल मार्च निकाला
चार अभ्यर्थियों के आत्महत्या के विरोध में एनएसयूआई ने निकाला कैंडल मार्च
मधेपुरा
नीट यूजी पेपर लीक पर रोक लगाने में सरकार की नाकामी और इसकी वजह चार अभ्यर्थियों के आत्महत्या करने के खिलाफ मधेपुरा में एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने प्रदेश उपाध्यक्ष निशांत यादव के नेतृत्व में कैंडल मार्च निकाला. कैंडल मार्च ठाकुर प्रसाद महाविद्यालय मुख्यद्वार से निकलकर भूपेंद्र नारायण मंडल चौक स्थित भूपेंद्र नारायण मंडल के प्रतिमा स्थल तक चला. कैंडल मार्च में बड़ी संख्या में छात्र और युवाओं ने हिस्सा लिया. वहीं सरकार के विरोध में नारेबाजी कर मोदी सरकार को छात्र – युवा विरोधी बताया. एनएसयूआई प्रदेश उपाध्यक्ष निशांत यादव ने कहा कि मोदी सरकार छात्र एवं युवा विरोधी है. आज छात्र का भविष्य घना अंधकार में है. देश की शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह से शिक्षा माफियाओं और पेपर माफियों के हाथ में है. उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के 12 वर्षों के कार्यकाल में 89 परीक्षाओं के प्रश्न पत्र लिक हुये है. केवल नीट के ही प्रश्न पत्र बीते कुछ वर्षों में चार बार लिख हो चुके है. कैंडल मार्च में मुख्य रूप से एनएसयूआइ जिलाध्यक्ष जितेंद्र कुमार मंडल, रणधीर कुमार, साजन कुमार, सत्यम कुमार, रुपेश कुमार, प्रवीण कुमार, प्रिंस कुमार, मो असद, शिवशंकर कुमार, सौरभ, गौतम, अभिषेक, दीपक कुमार, मनीष कुमार, अर्जुन यादव, राजा कुमार, संजीत कुमार, शंकर कुमार समेत दर्जनों छात्र और युवा मौजूद थे.
कुमार आशीष 15 वर्षों से प्रभात खबर समूह के साथ पत्रकारिता जगत में सक्रिय हैं. दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक और भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली से जनसंचार में डिग्री प्राप्त करने के बाद इन्होंने राजनीति, अपराध और कोसी अंचल की रिपोर्टिंग में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है. डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पिछले पांच वर्षों से सक्रिय हैं. पत्रकारिता में उत्कृष्ट योगदान के लिए इन्हें नेपाल में 'अंतरराष्ट्रीय मैथिली युवा पत्रकारिता सम्मान' से नवाजा जा चुका है.