सिंहेश्वर. जिले में लायंस क्लब की ओर से चल रहे नौ दिवसीय मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता सप्ताह के तहत मंगलवार को ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल स्कूल, सिंहेश्वर में विशेष कार्यक्रम का आयोजन हुआ. लायंस क्लब मधेपुरा व ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल स्कूल सिंहेश्वर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजन संपन्न हुआ. कार्यक्रम का आगाज रिजनल चेयरपर्सन चंद्रशेखर कुमार ने दीप प्रज्वलित कर किया. उन्होंने कहा कि आज के दौर में लोग आर्थिक रूप से तो समृद्ध हो गये हैं, लेकिन मानसिक रूप से कमजोर पड़ते जा रहे हैं. इसका कारण भागदौड़ भरी दिनचर्या, काम का दबाव व सामाजिक सरोकारों से दूरी है. उन्होंने कहा कि अगर आपका व्यवहार सामान्य है, तो आप मानसिक रूप से स्वस्थ हैं. वहीं यदि आप दूसरों से अनावश्यक बुरा व्यवहार करते हैं, तो यह मानसिक अस्वस्थता का संकेत है. छात्रों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि प्राणायाम और व्यायाम से एकाग्रता बढ़ती है और मन शांत रहता है. उन्होंने ओशो का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत की ताकत उसका आध्यात्म है, जो मनुष्य को संतुलित बनाये रखता है. मेंटल हेल्थ ही रीयल हेल्थ है : मनीष सर्राफ कार्यक्रम में एलसीआइएफ चेयरपर्सन मनीष सर्राफ ने छात्रों से कहा कि मेंटल हेल्थ ही रीयल हेल्थ है. जब तक मन स्वस्थ नहीं रहेगा, शरीर भी पूर्ण रूप से स्वस्थ नहीं रह सकता है. उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि वे अपने मन की बात दबाकर न रखें. किसी भी तरह का तनाव या उलझन हो, तो शिक्षकों, दोस्तों या अभिभावकों से साझा करें. उन्होंने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य की देखभाल उतनी ही जरूरी है, जितनी शारीरिक फिटनेस. तनाव से निबटना सीखें : इंद्रनील घोष लायंस क्लब मधेपुरा के अध्यक्ष इंद्रनील घोष ने विद्यार्थियों को संदेश दिया कि पढ़ाई के दौरान तनाव होना स्वाभाविक है, लेकिन उससे घबराना नहीं चाहिए. उन्होंने कहा कि नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद व अपने शौक को समय देना मानसिक शांति के लिए आवश्यक है. उन्होंने बच्चों को सकारात्मक सोच अपनाने और हर परिस्थिति में उत्साह बनाए रखने की सलाह दी. मानसिक स्वास्थ्य को दें प्राथमिकता : स्कूल निदेशक ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल स्कूल के निदेशक रूपेश कुमार रूपक व कुंदन कुमार ने लायंस क्लब मधेपुरा के सभी पदाधिकारियों का आभार व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम बच्चों में जागरूकता, आत्मविश्वास और संवाद कौशल बढ़ाते हैं. उन्होंने कहा कि जैसे हम अपने शारीरिक स्वास्थ्य की जांच कराते हैं, वैसे ही मानसिक स्वास्थ्य को भी प्राथमिकता देनी चाहिए. तनाव, चिंता और मानसिक दबाव को नजरअंदाज करना खतरनाक है.
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