Madhepura News : उदाकिशुनगंज प्रखंड अंतर्गत जोतैली गुलाब टोला निवासी हज़रत मौलाना अय्यूब रहमानी पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ चल रहे थे. उनके निधन की खबर मिलते ही जोतैली, गुलाब टोला और आसपास के गांवों में शोक का माहौल छा गया. वे क्षेत्र की सम्मानित धार्मिक हस्तियों में गिने जाते थे और समाज के सभी वर्गों में उन्हें आदर की दृष्टि से देखा जाता था.
दीन-ए-इस्लाम और समाज सेवा को समर्पित रहा जीवन
मौलाना अय्यूब रहमानी ने अपना पूरा जीवन दीन-ए-इस्लाम की शिक्षा, सामाजिक सद्भाव और लोगों के नैतिक मार्गदर्शन के लिए समर्पित किया. उनकी सादगी, तक़वा, विद्वता और उच्च चरित्र ने उन्हें समाज में एक अलग पहचान दिलाई. वे हमेशा भाईचारे, इंसानियत और अच्छे आचरण का संदेश देते रहे. उनकी तकरीरों और धार्मिक सभाओं से लोगों को आध्यात्मिक और नैतिक शिक्षा मिलती थी.
युवाओं और शिक्षा पर देते थे विशेष जोर
मौलाना अय्यूब रहमानी विशेष रूप से युवाओं के चरित्र निर्माण, बच्चों की शिक्षा और समाज में अमन-चैन तथा सौहार्द बनाए रखने के लिए लगातार प्रयासरत रहे. उनका मानना था कि शिक्षित और संस्कारित समाज ही बेहतर भविष्य का आधार बन सकता है. इसी सोच के कारण वे समाज के हर वर्ग के लोगों के बीच लोकप्रिय थे.
नमाज़-ए-जनाज़ा में उमड़ी भारी भीड़
उनके इंतकाल की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में लोग अंतिम दर्शन के लिए उनके आवास पहुंचे. नमाज़-ए-जनाज़ा में जोतैली, गुलाब टोला सहित आसपास के गांवों से बड़ी तादाद में लोगों ने भाग लिया और उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की. इस दौरान दिवंगत की मगफिरत और शोकाकुल परिवार को सब्र प्रदान करने की दुआ की गई.
लोगों ने बताया अपूरणीय क्षति
शोक व्यक्त करने वालों ने कहा कि मौलाना अय्यूब रहमानी का निधन केवल उनके परिवार के लिए नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति है. उनका धार्मिक, सामाजिक और शैक्षणिक योगदान हमेशा याद रखा जाएगा. शोक व्यक्त करने वालों में मो. आफाक अंसारी, अब्दुल गफ्फार, मो. सिकंदर अंसारी, मो. अब्दुल अहद, शेख सहाब, मो. फिरोज, अरशद, असद, कारी खुशबतर, मो. अजहर, मंजर आलम सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग और ग्रामीण शामिल रहे.
