Madhepura News: मधेपुरा जिले के पुरैनी थाना क्षेत्र में एक एसबीआई सीएसपी (Customer Service Point) सेंटर में बड़ी चोरी की घटना सामने आई है. चोरों ने सेंटर का ताला तोड़कर 3 लाख 50 हजार रुपये नकद, 60 चांदी के सिक्के और सीसीटीवी कैमरे का DVR लेकर फरार हो गए. सबसे गंभीर बात यह है कि चोरी की गई पूरी नकदी ग्राहकों के लेन-देन से संबंधित बताई जा रही है. पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है.
रात में बंद कर घर गए, सुबह पहुंचते ही उड़े होश
गणेशपुर गांव निवासी प्रीतम कुमार ने पुरैनी थाना में आवेदन देकर चोरी की प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है. उनके अनुसार वह 29 जुलाई 2026 की शाम करीब 7 बजे अपना एसबीआई सीएसपी सेंटर बंद कर घर चले गए थे.
अगले दिन 30 जुलाई की सुबह करीब 10 बजे जब वह सेंटर खोलने पहुंचे तो अंदर का नजारा देखकर उनके होश उड़ गए. सेंटर के कागजात बिखरे पड़े थे, गोदरेज का लॉक टूटा हुआ था और काउंटर के दराज का ताला भी तोड़ा जा चुका था.
गोदरेज और दराज से नकदी गायब
पीड़ित ने आसपास के लोगों को बुलाकर जांच की तो पता चला कि गोदरेज में रखे 50 हजार रुपये के नए नोट और काउंटर के दराज में रखे 3 लाख रुपये नकद गायब हैं. इस तरह कुल 3 लाख 50 हजार रुपये की चोरी हुई है.
उन्होंने आवेदन में बताया कि यह राशि ग्राहकों के लेन-देन से संबंधित थी, जिससे कई खाताधारकों के भुगतान और बैंकिंग कार्य प्रभावित हो सकते हैं.
60 चांदी के सिक्के और CCTV DVR भी ले गए
चोर केवल नकदी ही नहीं ले गए, बल्कि दीपावली के समय रखे गए 60 पीस चांदी के सिक्के भी अपने साथ उठा ले गए. इसके अलावा सेंटर में लगे सीसीटीवी कैमरे का DVR (डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर) भी निकालकर ले जाया गया.
DVR चोरी होने से पुलिस के लिए चोरों की पहचान करना और कठिन हो सकता है. आमतौर पर ऐसे मामलों में DVR चोरी करना यह संकेत देता है कि आरोपी निगरानी कैमरों के बारे में पहले से जानकारी रखते थे.
पुलिस जांच में जुटी, FIR की मांग
प्रीतम कुमार ने थाना अध्यक्ष से मामले की स्वयं जांच कराने और अज्ञात चोरों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है.
इस संबंध में थाना अध्यक्ष रितेश कुमार ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
स्थानीय लोगों में बढ़ी चिंता
घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है. स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि बैंकिंग सेवाओं से जुड़े सीएसपी सेंटर भी सुरक्षित नहीं हैं, तो ग्रामीण क्षेत्रों में नकदी लेन-देन करने वाले लोगों के लिए चिंता बढ़ना स्वाभाविक है.
पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि चोरी की घटना में किसी स्थानीय व्यक्ति की भूमिका तो नहीं थी और क्या आरोपियों ने पहले से सेंटर की रेकी की थी.
