जिले में पूर्ण नशामुक्ति और युवाओं को नशे के सौदागरों के चंगुल से बचाने के लिए मधेपुरा पुलिस लगातार सक्रिय है. इसी कड़ी में पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह ने आम लोगों और विशेषकर भटके हुए युवाओं से नशे की दलदल छोड़कर जिंदगी की मुख्यधारा में लौटने की भावुक अपील की है. एसपी ने कहा कि नशे की लत से परेशान कोई भी व्यक्ति सही सलाह, सहयोग और दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ अपने जीवन की नई शुरुआत कर सकता है. इसके लिए बिहार पुलिस पूरी संवेदनशीलता के साथ मदद करने को तैयार है.
राष्ट्रीय हेल्पलाइन बनेगी मददगार
एसपी संदीप सिंह ने बताया कि नशे की गिरफ्त में फंसे लोगों की काउंसिलिंग और उन्हें सही चिकित्सकीय व मानसिक सहयोग प्रदान करने के लिए केंद्र सरकार की राष्ट्रीय नारकोटिक्स हेल्पलाइन 'मानस' पूरी तरह सक्रिय है. कोई भी पीड़ित या उनके परिजन टोल-फ्री नंबर 1933 पर कॉल कर सीधे मदद प्राप्त कर सकते हैं. इस हेल्पलाइन के माध्यम से न केवल नशे की लत से छुटकारा पाने के वैज्ञानिक तरीके बताए जाते हैं, बल्कि पीड़ित की पहचान भी पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है.
सुखद भविष्य के लिए जिंदगी चुनना जरूरी : एसपी.
एसपी संदीप सिंह ने कहा,
"नशे में मत फंसिए, जिंदगी चुनिए. यदि कोई अनजाने में या किसी दबाव में इस दलदल में फंस भी गया है, तो उसे घबराने की जरूरत नहीं है. सही समय पर सही सलाह और सहयोग से नई और बेहतर शुरुआत संभव है. मधेपुरा पुलिस जिले के युवाओं के सुरक्षित और सुखद भविष्य के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है."
अभिभावकों से भी की अपील
पुलिस ने जिले के सभी अभिभावकों और प्रबुद्ध नागरिकों से भी अपील की है कि वे अपने आसपास के युवाओं की गतिविधियों पर नजर रखें. यदि कोई नशे का शिकार दिखाई देता है, तो उसे डांटने के बजाय सहानुभूतिपूर्वक समझाएं और 'मानस' हेल्पलाइन 1933 से जोड़ने का प्रयास करें, ताकि नशामुक्त और खुशहाल समाज का निर्माण किया जा सके.
