मधेपुरा में मौसम के बदलाव से सदर अस्पताल में बढ़ी मरीजों की भीड़, दस्त के मरीज ज्यादा

Madhepura news: सदर अस्पताल में सुबह से ही मरीजों की लंबी कतार लग रही है. ओपीडी में रोजाना सैकड़ों लोग इलाज के लिए पहुंच रहे हैं. चिकित्सकों के अनुसार पिछले कुछ दिनों में दस्त और पेट संबंधी बीमारियों के मरीजों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हुई है. इनमें बच्चों और बुजुर्गों की संख्या सबसे अधिक है.

रोजाना 600 से 700 मरीज पहुंच रहे अस्पताल, बच्चों और बुजुर्गों पर ज्यादा असर

मधेपुरा से अमन श्रीवास्तव की रिपोर्ट:

Madhepura news: मधेपुरा जिले में लगातार बदल रहे मौसम का असर लोगों की सेहत पर पड़ने लगा है. कभी तेज धूप, कभी बारिश और उमस भरी गर्मी के कारण बीमारियों का खतरा बढ़ गया है. इसका सीधा असर सदर अस्पताल मधेपुरा में देखने को मिल रहा है, जहां इन दिनों मरीजों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है. खासकर दस्त, उल्टी, पेट दर्द और बुखार के मरीज अधिक संख्या में अस्पताल पहुंच रहे हैं.

सदर अस्पताल में सुबह से ही मरीजों की लंबी कतार लग रही है. ओपीडी में रोजाना सैकड़ों लोग इलाज के लिए पहुंच रहे हैं. चिकित्सकों के अनुसार पिछले कुछ दिनों में दस्त और पेट संबंधी बीमारियों के मरीजों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हुई है. इनमें बच्चों और बुजुर्गों की संख्या सबसे अधिक है.

सदर अस्पताल के चिकित्सक डॉ. संतोष प्रकाश ने बताया कि सामान्य दिनों में जहां प्रतिदिन 300 से 400 मरीज आते थे, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 600 से 700 तक पहुंच गई है. इनमें आधे से अधिक मरीज दस्त और पेट संबंधी बीमारियों से पीड़ित हैं.

उन्होंने बताया कि मौसम में लगातार हो रहे बदलाव के कारण भोजन और पानी जल्दी दूषित हो रहे हैं. बाहर का खाना खाने और असुरक्षित पानी पीने से लोग संक्रमण का शिकार हो रहे हैं. कई मरीजों में शरीर में पानी की कमी की शिकायत भी देखी जा रही है.

अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भी मरीजों की संख्या बढ़ी है. गंभीर स्थिति वाले कई मरीजों को भर्ती कर इलाज किया जा रहा है. मरीजों और उनके परिजनों का कहना है कि भीड़ अधिक होने के कारण डॉक्टरों से दिखाने में काफी समय लग रहा है. खासकर छोटे बच्चों को लेकर आए अभिभावकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. सचिन ने बताया कि बढ़ती भीड़ को देखते हुए अतिरिक्त व्यवस्था की जा रही है. डॉक्टरों और नर्सों की ड्यूटी बढ़ाई गई है तथा आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है.

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों से उबला या शुद्ध पानी पीने, खुले एवं बासी भोजन से बचने तथा साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने की अपील की है. उन्होंने कहा कि दस्त के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत ओआरएस का सेवन करें और नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें.

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Published by: Shruti Kumari

श्रुति कुमारी एक पत्रकार और डिजिटल कंटेंट राइटर हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से अंग्रेजी पत्रकारिता में स्नातकोत्तर डिप्लोमा प्राप्त किया है। वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। उन्हें विभिन्न प्लाटफॉर्म्स पर डिजिटल पत्रकारिता और कंटेंट राइटिंग का लगभग दो वर्षों का अनुभव है। सामाजिक मुद्दों, महिला सशक्तिकरण, राजनीति, शिक्षा और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लिखना उनकी विशेष रुचि का क्षेत्र है। इसके अलावा वे डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए स्क्रिप्ट राइटिंग करती हैं तथा हिंदी कविता और अंगिका भाषा में लेखन का भी शौक रखती हैं। प्रकृति से उनका विशेष लगाव है और वे मानती हैं कि संवेदनशील, तथ्यपरक और जनसरोकार से जुड़ी पत्रकारिता समाज में सकारात्मक बदलाव का माध्यम बन सकती है।

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