क्लासरूम में सोती मिली शिक्षिका, वीडियो वायरल

Madhepura news: जानकारी के अनुसार मामला चौसा पूर्वी पंचायत के लक्ष्मीनियां टोला वार्ड संख्या-14 स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय का है. ग्रामीणों की शिकायत पर पहुंचे स्थानीय लोगों ने देखा कि कक्षा में बच्चे मौजूद थे, जबकि शिक्षिका अनिता कुमारी कुर्सी पर बैठी हुई नींद ले रही थीं.

Madhepura news: चौसा (मधेपुरा) से संजय कुमार की रिपोर्ट:

मधेपुरा जिले के चौसा प्रखंड स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय लक्ष्मीनियां में कक्षा के दौरान शिक्षिका के सोने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो सामने आने के बाद सरकारी विद्यालयों की शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं.

जानकारी के अनुसार मामला चौसा पूर्वी पंचायत के लक्ष्मीनियां टोला वार्ड संख्या-14 स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय का है. ग्रामीणों की शिकायत पर पहुंचे स्थानीय लोगों ने देखा कि कक्षा में बच्चे मौजूद थे, जबकि शिक्षिका अनिता कुमारी कुर्सी पर बैठी हुई नींद ले रही थीं.

वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि बच्चे कक्षा में शांत बैठे हैं और शिक्षिका कुर्सी पर आराम करती नजर आ रही हैं. बताया जा रहा है कि बच्चे उनसे पढ़ाई से संबंधित सवाल पूछना चाहते थे, लेकिन डर के कारण शांत बैठे रहे.

ग्रामीणों का आरोप है कि सरकारी विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था लगातार लापरवाही का शिकार हो रही है. जिन शिक्षकों पर बच्चों को बेहतर शिक्षा देने की जिम्मेदारी है, वे ही कक्षा में लापरवाही बरत रहे हैं.

घटना का वीडियो वायरल होने के बाद क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है. स्थानीय लोगों ने शिक्षा विभाग से मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग की है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Shruti Kumari

श्रुति कुमारी एक पत्रकार और डिजिटल कंटेंट राइटर हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से अंग्रेजी पत्रकारिता में स्नातकोत्तर डिप्लोमा प्राप्त किया है। वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। उन्हें विभिन्न प्लाटफॉर्म्स पर डिजिटल पत्रकारिता और कंटेंट राइटिंग का लगभग दो वर्षों का अनुभव है। सामाजिक मुद्दों, महिला सशक्तिकरण, राजनीति, शिक्षा और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लिखना उनकी विशेष रुचि का क्षेत्र है। इसके अलावा वे डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए स्क्रिप्ट राइटिंग करती हैं तथा हिंदी कविता और अंगिका भाषा में लेखन का भी शौक रखती हैं। प्रकृति से उनका विशेष लगाव है और वे मानती हैं कि संवेदनशील, तथ्यपरक और जनसरोकार से जुड़ी पत्रकारिता समाज में सकारात्मक बदलाव का माध्यम बन सकती है।

और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >