ग्वालपाड़ा (मधेपुरा) हीरानंद झा की रिपोर्ट:
Madhepura news: मधेपुरा जिले के ग्वालपाड़ा प्रखंड में मंगलवार रात आई तेज आंधी, तूफान और बारिश ने भारी तबाही मचाई. कई पंचायतों के गांवों में किसानों की मक्के की फसल बर्बाद हो गई, जबकि दर्जनों पेड़, चदरा के घर और बिजली के पोल धराशायी हो गए. प्राकृतिक आपदा के बाद इलाके में किसानों के सामने आर्थिक संकट गहरा गया है.
ग्रामीणों के अनुसार, पिछले दो दिनों से लगातार मौसम खराब बना हुआ था. मंगलवार देर रात अचानक तेज चक्रवाती हवा और मूसलाधार बारिश शुरू हो गई. इसका सबसे ज्यादा असर मक्के की फसल पर पड़ा. किसान कटाई और दौनी के बाद मक्के को सुखा रहे थे, लेकिन तेज हवा तिरपाल और प्लास्टिक उड़ा ले गई, जिससे पूरी फसल बारिश में भीग गई.
किसानों का कहना है कि अब भीगे मक्के की गुणवत्ता खराब हो जाएगी और बाजार में सही कीमत नहीं मिलेगी. व्यापारियों ने भी दागी और खराब मक्के का कम दाम देने की बात कही है. इससे किसानों की परेशानी और बढ़ गई है.
आंधी-तूफान में आम, लीची, कटहल, कदम और केसिया समेत कई बड़े पेड़ जड़ से उखड़ गए. बगीचों में लगे फल भी टूटकर गिर गए. स्थानीय बागवानों ने लाखों रुपये के नुकसान की आशंका जताई है.
टेमाभेला पंचायत के पड़ोकिया, शाहपुर, नोहर, झिटकिया, खोखशी सरनपुर और झलाड़ी गांवों में सबसे अधिक नुकसान हुआ है. किसानों ने बताया कि बारिश में मवेशियों का चारा भी भीगकर खराब हो गया है, जिससे पशुपालकों के सामने भी संकट खड़ा हो गया है.
आंधी के कारण बिजली व्यवस्था भी बुरी तरह प्रभावित हुई है. शाहपुर नहर के पास दो बिजली पोल टूट गए, जबकि कई जगहों पर तार गिर गए. बिजली विभाग को भी लाखों रुपये की क्षति होने की बात कही जा रही है.
ग्रामीणों ने प्रशासन से फसल क्षति का सर्वे कर किसानों को जल्द मुआवजा देने की मांग की है.
