Madhepura News: गरीबों को मुफ्त राशन देने वाली सरकारी योजना पर मधेपुरा के शंकरपुर प्रखंड में सवाल उठने लगे हैं. परसा पंचायत के जन वितरण विक्रेता पर कार्डधारकों ने तय मात्रा से कम अनाज देने का आरोप लगाया है.
आरोप है कि लाभुकों से पहले पीओएस मशीन पर अंगूठा लगवा लिया जाता है और बाद में कम वजन का राशन दिया जाता है. गुरुवार को इसी मुद्दे पर बड़ी संख्या में ग्रामीणों और महिला लाभुकों ने डीलर की दुकान पर विरोध प्रदर्शन किया और निष्पक्ष जांच की मांग की.
राशन वितरण को लेकर भड़का आक्रोश
परसा पंचायत के लाइसेंस संख्या 112/2007 वाले जन वितरण विक्रेता सियाराम यादव के खिलाफ ग्रामीणों ने मोर्चा खोल दिया. लाभुकों का आरोप है कि सरकार जहां अंत्योदय कार्डधारकों को 35 किलो अनाज और पीएचएच कार्डधारकों को प्रति यूनिट पांच किलो राशन देने का प्रावधान करती है, वहीं वितरण के दौरान मनमानी की जा रही है.
ग्रामीणों का कहना है कि कई अंत्योदय कार्डधारकों को 5 से 10 किलो तक कम अनाज दिया जा रहा है. पीएचएच कार्डधारकों ने भी राशन में कटौती का आरोप लगाया है.
महिलाओं ने खोला मोर्चा
मौके पर मौजूद महिला कार्डधारकों और ग्रामीणों ने राशन कार्ड दिखाते हुए डीलर की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए. उनका आरोप है कि डीलर और उसके सहयोगी पहले लाभुकों का बायोमेट्रिक सत्यापन करवा लेते हैं. इसके बाद जब राशन देने की बारी आती है तो निर्धारित मात्रा से कम अनाज तौलकर दिया जाता है.
ग्रामीणों का यह भी कहना है कि शिकायत करने पर अभद्र व्यवहार किया जाता है और कई बार राशन कार्ड कटवाने तक की धमकी दी जाती है.
इलेक्ट्रॉनिक कांटे पर हुई जांच
हंगामे के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण दुकान पर जुट गए. लोगों के दबाव के बाद राशन के बोरों का वजन इलेक्ट्रॉनिक कांटे पर कराया गया. ग्रामीणों का दावा है कि जांच में कई बोरों का वजन निर्धारित मानक से कम पाया गया.
इसके बाद लोगों का गुस्सा और बढ़ गया तथा उन्होंने डीलर के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी. ग्रामीणों ने पूरे वितरण तंत्र को पारदर्शी बनाने और नियमित निगरानी की मांग की.
जांच के बाद होगी कार्रवाई
मामले को लेकर प्रखंड खाद्य आपूर्ति पदाधिकारी रुपेश कुमार ने कहा कि शिकायत उनके संज्ञान में आई है. पूरे मामले की जांच कराई जाएगी. यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.
फिलहाल राशन वितरण में अनियमितता के आरोपों ने परसा पंचायत में जन वितरण प्रणाली की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं. अब ग्रामीण प्रशासनिक जांच और कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं.
Also Read: लालू यादव के बर्थडे पर पढ़िए उनके कई मजेदार किस्से, जो आज भी लोगों को गुदगुदाते हैं
