बंदियों के परिजनों को अब मुलाकात स्थल पर ही मिलेगी कानूनी सहायता और परामर्श
मधेपुरा से कुमार आशीष की रिपोर्ट:
Madhepura news: मंडल कारा में बंद कैदियों एवं उनके परिजनों को कानूनी सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नई पहल शुरू की गई है. बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डीएलएसए) द्वारा मंडल कारा के मुलाकात क्षेत्र में ‘मुलाकात से न्याय तक’ अभियान के तहत लीगल एड हेल्प डेस्क की स्थापना की गई है.
जिला विधिक सेवा प्राधिकार के प्रभारी अध्यक्ष-सह प्रभारी जिला एवं सत्र न्यायाधीश सतीश कुमार ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य बंदियों के परिवारों को न्यायिक प्रक्रिया से जोड़ना तथा उन्हें आवश्यक कानूनी जानकारी और सहायता उपलब्ध कराना है. अब बंदियों से मिलने आने वाले परिजनों को मुलाकात स्थल पर ही कानूनी परामर्श, मार्गदर्शन और जरूरी सूचनाएं प्राप्त हो सकेंगी.
डीएलएसए सचिव-सह न्यायिक पदाधिकारी पूजा कुमारी साह ने बताया कि पहली बार बंदियों के परिवारों को भी न्यायिक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हुए संस्थागत सहायता उपलब्ध कराने की पहल की गई है. इससे जरूरतमंद परिवारों को समय पर कानूनी मदद मिल सकेगी और न्याय तक उनकी पहुंच आसान होगी.
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने मुलाकात स्थल पर बैठने की व्यवस्था, पेयजल, शौचालय, स्वच्छता एवं छायादार स्थान जैसी मूलभूत सुविधाओं की भी समीक्षा की. अधिकारियों ने बताया कि इन सुविधाओं की नियमित मॉनिटरिंग मासिक निरीक्षण के दौरान की जाएगी.
इस अवसर पर टीम ने जेजेबी पर्यवेक्षण गृह एवं दत्तक ग्रहण संस्थान का भी निरीक्षण किया और वहां उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली.
मौके पर कारा अधीक्षक राजेश कुमार, एलएडीएसए चीफ सीपी चंदन सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मी मौजूद थे.
जिला विधिक सेवा प्राधिकार की इस पहल को जेल प्रशासन को अधिक मानवीय, संवेदनशील एवं परिवार केंद्रित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.
