एससी-एसटी अत्याचार मामलों में 128 पीड़ितों को मुआवजा

Madhepura news: बैठक में एससी-एसटी अत्याचार से जुड़े मामलों की समीक्षा करते हुए पीड़ितों और आश्रितों को मुआवजा देने की स्वीकृति प्रदान की गयी. अधिकारियों ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज होने की प्रक्रिया के आधार पर 35 मामलों में 53 पीड़ितों और आश्रितों को मुआवजा देने की मंजूरी दी गयी है.

जिला स्तरीय बैठक में 11 आश्रितों को नौकरी देने की भी जानकारी

मधेपुरा से कुमार आशीष की रिपोर्ट:

Madhepura news: एससी-एसटी अत्याचार मामलों में 128 पीड़ितों को मुआवजामधेपुरा समाहरणालय सभाकक्ष में मंगलवार को अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम 1989 के तहत जिला स्तरीय सतर्कता एवं अनुश्रवण समिति की बैठक आयोजित की गयी. बैठक की अध्यक्षता जिला पदाधिकारी ने की.

बैठक में एससी-एसटी अत्याचार से जुड़े मामलों की समीक्षा करते हुए पीड़ितों और आश्रितों को मुआवजा देने की स्वीकृति प्रदान की गयी. अधिकारियों ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज होने की प्रक्रिया के आधार पर 35 मामलों में 53 पीड़ितों और आश्रितों को मुआवजा देने की मंजूरी दी गयी है.

वहीं आरोप पत्र दाखिल होने की प्रक्रिया पूरी होने पर 49 मामलों में 75 पीड़ितों और आश्रितों को राहत राशि स्वीकृत की गयी. इस तरह कुल 128 पीड़ितों और आश्रितों को मुआवजा देने की मंजूरी दी गयी.

बैठक में यह भी जानकारी दी गयी कि अधिनियम के नियम 15(1)(घ) के तहत हत्या से जुड़े मामलों में 11 आश्रितों को परिचारी पद पर नौकरी दी गयी है.

जिला पदाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि पीड़ितों को समय पर सहायता उपलब्ध करायी जाये और मामलों के निष्पादन में तेजी लायी जाये.

इसके अलावा मैनुअल स्कैवेंजर रोजगार निषेध एवं पुनर्वास अधिनियम 2013 के तहत जिला स्तरीय निगरानी एवं सर्वेक्षण समिति की बैठक भी आयोजित हुई. जिला पदाधिकारी ने कहा कि यदि मैनुअल स्कैवेंजर रोजगार से जुड़ा कोई मामला सामने आता है तो उस पर तुरंत कार्रवाई की जाये.

बैठक में उप विकास आयुक्त, जिला कल्याण पदाधिकारी, सिविल सर्जन, पुलिस उपाधीक्षक मुख्यालय, विशेष लोक अभियोजक, सांसद और विधायकों के प्रतिनिधि समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे.

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Published by: Shruti Kumari

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