प्रतिनिधि, मधेपुरा.
Madhepura News: मधेपुरा समेत आसपास के शहरी क्षेत्रों में इन दिनों भीषण गर्मी और तेज धूप ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है. सुबह से ही सूरज की तपिश लोगों को परेशान करने लगती है और दोपहर तक हालात इतने खराब हो जाते हैं कि बाजार और सड़कें लगभग खाली दिखाई देती हैं. लगातार 35 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच रहे तापमान और गर्म हवाओं ने लोगों की दिनचर्या बदल दी है.
अस्पतालों में बढ़ी मरीजों की भीड़, डॉक्टरों ने दी चेतावनी
गर्मी का सबसे ज्यादा असर लोगों की सेहत पर दिखाई दे रहा है. सदर अस्पताल और निजी क्लीनिकों में मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है. डॉक्टरों के अनुसार डिहाइड्रेशन, उल्टी-दस्त, चक्कर आना, बुखार और हीट स्ट्रोक के मामले लगातार सामने आ रहे हैं. सबसे अधिक परेशानी छोटे बच्चों और बुजुर्गों को हो रही है.
अस्पताल सूत्रों के अनुसार जहां पहले प्रतिदिन 150 से 200 मरीज इलाज के लिए पहुंचते थे, वहीं अब यह संख्या 300 के पार पहुंच चुकी है. ओपीडी में लंबी कतारें लग रही हैं और कई मरीजों को तत्काल भर्ती करने की नौबत आ रही है.
कोचिंग जाने वाली छात्राओं की बढ़ी परेशानी
भीषण गर्मी का असर पढ़ाई पर भी पड़ने लगा है. शहर में बड़ी संख्या में छात्राएं कोचिंग संस्थानों में पढ़ने जाती हैं, लेकिन दोपहर की तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण उनका सफर मुश्किल हो गया है. कई छात्राओं ने बताया कि रास्ते में तेज धूप के कारण पैदल चलना कठिन हो जाता है. ऑटो और रिक्शा भी आसानी से नहीं मिलते और मिलने पर अधिक किराया देना पड़ता है.
अभिभावकों की चिंता भी बढ़ गई है. कई परिवार बच्चों को दोपहर में कोचिंग भेजने से बच रहे हैं और संस्थानों से समय बदलने की मांग कर रहे हैं.
राहत का इंतजार, बारिश पर टिकी निगाहें
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि बदलती जलवायु के कारण हर साल गर्मी का असर और अधिक महसूस किया जा रहा है. फिलहाल शहरवासी बारिश का इंतजार कर रहे हैं. हालांकि बारिश से गर्मी से राहत मिल सकती है, लेकिन जलजमाव की समस्या नई मुश्किलें भी खड़ी कर सकती है.
Also Read: बिहार में दौड़ेगी रैपिड रेल, 4 जिलों की दूरी हाईस्पीड ट्रेन से मिनटों में होगी तय, CM सम्राट का ऐलान
