मधेपुरा में अतिथि गृह के पास कचरे का अंबार, स्वच्छता व्यवस्था पर उठे सवाल

Madhepura news: स्थानीय लोगों के अनुसार अतिथि गृह के मुख्य द्वार से करीब एक से दो किलोमीटर की दूरी पर पुल के किनारे लगातार कचरा डंप किया जा रहा है. सड़े-गले कचरे से पूरे इलाके में बदबू फैली रहती है. सुबह और शाम के समय यहां आवारा पशुओं का जमावड़ा लगा रहता है.

मधेपुरा से अमन श्रीवास्तव की रिपोर्ट:

Madhepura news: शहर के अतिथि गृह के समीप कचरे का अंबार लगने से स्थानीय लोगों में नाराजगी है. हालात ऐसे हैं कि दिनभर सुअर, गाय, कुत्ते समेत अन्य आवारा पशु कचरे के ढेर के आसपास मंडराते रहते हैं. इससे न केवल गंदगी फैल रही है, बल्कि आसपास के लोगों को दुर्गंध और बीमारी की आशंका का भी सामना करना पड़ रहा है.

स्थानीय लोगों के अनुसार अतिथि गृह के मुख्य द्वार से करीब एक से दो किलोमीटर की दूरी पर पुल के किनारे लगातार कचरा डंप किया जा रहा है. सड़े-गले कचरे से पूरे इलाके में बदबू फैली रहती है. सुबह और शाम के समय यहां आवारा पशुओं का जमावड़ा लगा रहता है.

लोगों का कहना है कि अतिथि गृह में ठहरने वाले अधिकारी और बाहर से आने वाले मेहमानों को इसी मार्ग से गुजरना पड़ता है. ऐसे में शहर की छवि पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है. वहीं कचरा स्थल के समीप बच्चों और बुजुर्गों के लिए दो पार्क भी हैं, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोगों का आना-जाना लगा रहता है.

स्थानीय निवासी सोनू ने बताया कि अतिथि गृह में अक्सर वीआईपी और अधिकारी आते-जाते हैं. ऐसे महत्वपूर्ण स्थान के पास गंदगी का यह दृश्य शर्मनाक है. उन्होंने कहा कि बच्चे इसी रास्ते से स्कूल जाते हैं और बदबू के कारण लोगों को परेशानी झेलनी पड़ती है.

स्थानीय निवासी पप्पू ने कहा कि स्वच्छ भारत अभियान के तहत शहर को साफ-सुथरा रखने के दावे किए जाते हैं, लेकिन अतिथि गृह के पास की स्थिति इन दावों की हकीकत बयां कर रही है.

वहीं स्थानीय निवासी मन्नू ने नगर परिषद से अविलंब कचरा उठाव सुनिश्चित करने की मांग की. उन्होंने कहा कि संबंधित स्थल पर ‘कचरा न फेंकें’ का बोर्ड लगाया जाए और नियमित सफाई की व्यवस्था की जाए, ताकि लोगों को इस समस्या से राहत मिल सके.

स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर परिषद की कचरा उठाव गाड़ी कई दिनों तक नहीं पहुंचती है. शिकायत के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है.

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Published by: Shruti Kumari

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