मधेपुरा से कुमार आशीष की रिपोर्ट:
Madhepura news: बिहार के सभी विश्वविद्यालयों को राजभवन सचिवालय की ओर से बड़ा निर्देश जारी किया गया है. अब किसी भी विश्वविद्यालय में यूएमआइएस (UMIS) या समानांतर डिजिटल सिस्टम के लिए नया टेंडर जारी नहीं किया जाएगा. साथ ही जो टेंडर प्रक्रिया में हैं, उन्हें भी तत्काल प्रभाव से रद्द करने का आदेश दिया गया है.
राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह द्वारा 27 मई 2026 को जारी पत्र बिहार के सभी कुलपतियों को भेजा गया है. पत्र में कहा गया है कि कुछ विश्वविद्यालय यूएमआइएस के लिए नए टेंडर निकाल रहे हैं या पुराने करार का नवीकरण कर रहे हैं, जो कुलाधिपति के निर्देशों के विपरीत है.
राजभवन ने स्पष्ट किया है कि विश्वविद्यालयों का संपूर्ण डिजिटलीकरण अब केवल “समर्थ पोर्टल” के माध्यम से किया जाएगा. इस पोर्टल के जरिए नामांकन, मार्कशीट निर्माण, पेरोल, पेंशन भुगतान, अवकाश प्रबंधन, वित्त एवं लेखा प्रणाली सहित सभी सेवाएं एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म पर संचालित होंगी.
पत्र में कहा गया है कि यूएमआइएस या किसी अन्य समानांतर डिजिटल सिस्टम के लिए टेंडर जारी करना कुलाधिपति के निर्देशों और पूर्व में जारी नीति का उल्लंघन माना जाएगा. सभी विश्वविद्यालयों को भविष्य में ऐसे किसी भी टेंडर से बचने और पहले से जारी टेंडरों को तत्काल निरस्त करने का निर्देश दिया गया है.
राजभवन सचिवालय ने चेतावनी दी है कि निर्देशों की अनदेखी करने पर संबंधित विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई की जा सकती है. साथ ही सभी विश्वविद्यालयों से शीघ्र अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा गया है.
इस आदेश के बाद बीएन मंडल विश्वविद्यालय सहित राज्य के कई विश्वविद्यालयों में चल रही डिजिटल प्रणाली और टेंडर प्रक्रियाओं पर असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है.
