उदाकिशुनगंज से कौनैन बशीर की रिपोर्ट:
Madhepura news: विधान परिषद सदस्य डॉ. अजय कुमार सिंह ने मक्का किसानों की बदहाल स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए राज्य एवं केंद्र सरकार पर किसानों की उपेक्षा का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा मक्के का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2410 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है, लेकिन जमीनी स्तर पर किसान अपनी उपज 1600 से 1800 रुपये प्रति क्विंटल की दर से बेचने को मजबूर हैं.
डॉ. सिंह ने कहा कि सरकार किसानों के हितैषी होने का दावा तो करती है, लेकिन वास्तविकता इसके विपरीत है. किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है. ऐसी स्थिति में किसान अपनी लागत तक नहीं निकाल पा रहे हैं, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति लगातार कमजोर होती जा रही है.
उन्होंने कहा कि बीज, खाद, कीटनाशक, डीजल और मजदूरी की लागत में लगातार वृद्धि हुई है. खेती की लागत बढ़ने के बावजूद किसानों को एमएसपी से काफी कम कीमत पर फसल बेचनी पड़ रही है. यह केवल प्रशासनिक विफलता नहीं, बल्कि किसानों के साथ सीधा अन्याय है.
डॉ. अजय कुमार सिंह ने सरकार से सवाल करते हुए कहा कि जब मक्के का एमएसपी घोषित है तो किसानों को उसका लाभ क्यों नहीं मिल रहा है. उन्होंने मांग की कि सरकार तत्काल प्रभाव से मक्का की खरीद एमएसपी पर सुनिश्चित करे तथा किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए प्रभावी व्यवस्था बनाए.
उन्होंने कहा कि किसान केवल घोषणाएं नहीं, बल्कि अपनी उपज की गारंटीकृत खरीद और न्यायसंगत मूल्य चाहते हैं. यदि किसानों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य नहीं मिला तो इसका सीधा असर ग्रामीण अर्थव्यवस्था और कृषि व्यवस्था पर पड़ेगा.
डॉ. सिंह ने कहा कि सरकार को किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए गंभीर पहल करनी चाहिए, ताकि अन्नदाता सम्मानपूर्वक जीवन यापन कर सकें. साथ ही उन्होंने किसानों के अधिकारों की रक्षा के लिए संगठित प्रयासों की आवश्यकता पर भी बल दिया.
