Madhepura News: मधेपुरा में बदलते मौसम का असर अब लोगों की सेहत पर साफ दिखाई देने लगा है. कभी तेज गर्मी तो कभी बारिश के कारण जिले में बुखार, पेट दर्द, उल्टी, दस्त और डायरिया के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं. हालात ऐसे हैं कि सदर अस्पताल की इमरजेंसी वार्ड में सुबह से देर रात तक मरीजों और उनके परिजनों की लंबी कतारें लगी रहती हैं. अस्पताल प्रशासन पर इलाज का दबाव बढ़ गया है, जबकि डॉक्टर लोगों से दूषित पानी और खुले खाद्य पदार्थों से बचने की अपील कर रहे हैं. स्वास्थ्य विभाग ने भी संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है.
बदलते मौसम का असर, सदर अस्पताल की इमरजेंसी में बढ़ी भीड़
मधेपुरा जिले में लगातार बदल रहे मौसम ने लोगों की सेहत पर असर डालना शुरू कर दिया है. कभी तेज धूप और उमस तो कभी बारिश के कारण मौसमी बीमारियों के मामलों में तेजी आई है.
सदर अस्पताल की इमरजेंसी वार्ड में इन दिनों सामान्य दिनों की तुलना में कहीं अधिक मरीज पहुंच रहे हैं. सुबह से लेकर देर रात तक इलाज के लिए लोगों की भीड़ बनी रहती है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं पर अतिरिक्त दबाव महसूस किया जा रहा है.
बुखार, पेट दर्द, उल्टी और डायरिया के मरीज बढ़े
सदर अस्पताल के चिकित्सक डॉ. मनोज कुमार के अनुसार, पिछले कुछ दिनों में बुखार और पेट दर्द से पीड़ित मरीजों की संख्या अचानक बढ़ी है. खासकर बच्चों और बुजुर्गों में संक्रमण के लक्षण अधिक देखे जा रहे हैं.
कई मरीज उल्टी, दस्त और कमजोरी की शिकायत के साथ अस्पताल पहुंच रहे हैं. गंभीर स्थिति वाले मरीजों को इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कर सलाइन और आवश्यक दवाएं दी जा रही हैं, ताकि उनकी स्थिति को जल्द नियंत्रित किया जा सके.
डॉक्टर बोले, दूषित पानी और खुले खाद्य पदार्थ बन रहे बीमारी की वजह
डॉ. मनोज कुमार का कहना है कि मौसम में अचानक बदलाव और साफ-सफाई की कमी इस समस्या की प्रमुख वजह है.
गर्मी और नमी के कारण पानी जल्दी दूषित हो जाता है. ऐसे में यदि लोग असुरक्षित पानी पीते हैं या खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों का सेवन करते हैं, तो डायरिया और पेट संबंधी संक्रमण का खतरा काफी बढ़ जाता है.
डॉक्टरों ने लोगों से घर का ताजा भोजन खाने और स्वच्छ पानी का ही उपयोग करने की अपील की है.
मरीजों के परिजनों ने बताई परेशानी
इलाज के लिए पहुंचे एक मरीज के परिजन ने बताया कि उनके बच्चे को अचानक उल्टी और दस्त शुरू हो गए, जिसके बाद उसे तत्काल सदर अस्पताल लाना पड़ा.
उन्होंने कहा कि मरीजों की संख्या अधिक होने के कारण इलाज में कुछ देरी हो रही है. वहीं कुछ अन्य मरीजों और परिजनों ने अस्पताल में बेड और दवाओं की उपलब्धता को लेकर भी चिंता जताई.
अस्पताल प्रशासन ने बढ़ाई व्यवस्था
बढ़ती मरीज संख्या को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने अतिरिक्त इंतजाम शुरू कर दिए हैं.
सिविल सर्जन डॉ. विजय कुमार ने बताया कि डायरिया से पीड़ित मरीजों के लिए अलग वार्ड बनाया गया है और दो अतिरिक्त कमरों में बेड की व्यवस्था की गई है. साथ ही डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की ड्यूटी भी बढ़ा दी गई है, ताकि मरीजों को समय पर इलाज मिल सके.
उन्होंने लोगों से अपील की कि केवल साफ और सुरक्षित पानी का सेवन करें तथा खाने-पीने में विशेष सावधानी बरतें.
गांव-गांव चलाया जा रहा जागरूकता अभियान
स्वास्थ्य विभाग संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए जागरूकता अभियान भी चला रहा है.
आशा कार्यकर्ता और स्वास्थ्यकर्मी गांव-गांव जाकर लोगों को स्वच्छता, सुरक्षित पेयजल और व्यक्तिगत साफ-सफाई के महत्व के बारे में जानकारी दे रहे हैं. लोगों को ओआरएस घोल का उपयोग, साबुन से हाथ धोने की आदत और डायरिया के शुरुआती लक्षण दिखने पर तुरंत स्वास्थ्य केंद्र जाने की सलाह दी जा रही है.
Madhepura News: समय रहते सावधानी जरूरी, नहीं तो बढ़ सकता है संक्रमण
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मौसम के इस दौर में सावधानी नहीं बरती गई तो डायरिया और अन्य जलजनित बीमारियों के मामले और बढ़ सकते हैं.
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि लोग उबला या फिल्टर किया हुआ पानी पिएं, ताजा और स्वच्छ भोजन करें, खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों से बचें और बच्चों की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दें. समय पर इलाज और सतर्कता से अधिकांश मामलों में गंभीर स्थिति से बचा जा सकता है.
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