Madhepura News: मधेपुरा कॉलेज में 17 बिहार बटालियन एनसीसी के नए सत्र के लिए नामांकन प्रक्रिया पूरी हो गई. दौड़, पुश-अप्स, मेडिकल जांच और लिखित परीक्षा जैसे कई चरणों के बाद कुल 42 छात्र-छात्राओं का अंतिम चयन किया गया. अधिकारियों ने कहा कि एनसीसी का उद्देश्य केवल सेना में भर्ती नहीं, बल्कि अनुशासित और जिम्मेदार नागरिक तैयार करना है.
मधेपुरा कॉलेज में नए सत्र के लिए 17 बिहार बटालियन एनसीसी (NCC) की नामांकन प्रक्रिया सफलतापूर्वक संपन्न हो गई. इस बार बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने एनसीसी में शामिल होने के लिए आवेदन किया और पूरे उत्साह के साथ चयन प्रक्रिया में भाग लिया. कई चरणों वाली कड़ी परीक्षा के बाद अंततः 42 कैडेट्स को अंतिम रूप से चयनित किया गया.
कॉलेज परिसर में सुबह से ही छात्रों की भीड़ देखी गई. शारीरिक दक्षता, मानसिक क्षमता और अनुशासन को परखने के लिए चयन प्रक्रिया को कई चरणों में आयोजित किया गया, जिससे केवल योग्य अभ्यर्थियों का ही चयन सुनिश्चित हो सके.
दौड़ से लेकर मेडिकल जांच तक कई चरणों में हुई परीक्षा
एनसीसी नामांकन प्रक्रिया के दौरान सबसे पहले अभ्यर्थियों की शारीरिक क्षमता का परीक्षण किया गया. इसमें दौड़, पुश-अप्स और सिट-अप्स जैसी गतिविधियां शामिल थीं. इसके बाद उम्मीदवारों की लंबाई, वजन और अन्य आवश्यक चिकित्सीय जांच की गई.
जो अभ्यर्थी शारीरिक रूप से योग्य पाए गए, उन्हें लिखित परीक्षा से गुजरना पड़ा. इन सभी चरणों में प्रदर्शन के आधार पर कुल 42 छात्र-छात्राओं का चयन किया गया, जिन्हें अब 17 बिहार बटालियन एनसीसी के तहत प्रशिक्षण मिलेगा.
कर्नल पी. के. चौधरी ने दिया अनुशासन और देशभक्ति का संदेश
इस अवसर पर 17 बिहार बटालियन एनसीसी के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल पी. के. चौधरी ने चयनित कैडेट्स को संबोधित करते हुए कहा कि एनसीसी का उद्देश्य केवल सेना में भर्ती की तैयारी कराना नहीं है, बल्कि युवाओं को अनुशासित, जिम्मेदार और जागरूक नागरिक बनाना भी है.
उन्होंने कहा कि एनसीसी के माध्यम से विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास और देश के प्रति समर्पण की भावना विकसित होती है, जो जीवन के हर क्षेत्र में उपयोगी साबित होती है.
सरकारी नौकरियों में भी मिलता है लाभ
मधेपुरा कॉलेज के संस्थापक प्रधानाचार्य डॉ. अशोक कुमार ने कहा कि एनसीसी प्रशिक्षण छात्रों में नेतृत्व कौशल और देशभक्ति की भावना को मजबूत करता है. उन्होंने बताया कि विभिन्न सरकारी नौकरियों और रक्षा सेवाओं में एनसीसी प्रमाणपत्र धारकों को विशेष वरीयता और छूट भी मिलती है.
उन्होंने छात्रों से समय की पाबंदी, उचित वेशभूषा और नियमित अभ्यास को जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की. साथ ही आपदा प्रबंधन और सामाजिक सेवा गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए भी प्रेरित किया.
‘एकता और अनुशासन’ ही एनसीसी का मूल मंत्र
महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. पूनम यादव ने अपने संबोधन में कहा कि एनसीसी युवाओं के भीतर आत्मविश्वास, आत्म-सम्मान और चरित्र निर्माण की भावना विकसित करती है.
उन्होंने कहा कि ‘एकता और अनुशासन’ एनसीसी का ध्येय वाक्य है और इसका मूल उद्देश्य देश सेवा की भावना को मजबूत करना है.
भाईचारा, साहस और सेवा का प्रशिक्षण
महाविद्यालय के एनसीसी अधिकारी मेजर डॉ. गौतम कुमार ने कहा कि एनसीसी युवाओं में भाईचारा, धर्मनिरपेक्ष दृष्टिकोण, साहस, चरित्र निर्माण और निस्वार्थ सेवा के आदर्शों को स्थापित करती है.
उन्होंने कहा कि एनसीसी प्रशिक्षण केवल सैन्य गतिविधियों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी का भी बोध कराता है.
चयन प्रक्रिया में इन अधिकारियों की रही अहम भूमिका
नामांकन प्रक्रिया को पारदर्शी और सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने में नायक सूबेदार तोप बहादुर, हवलदार भूपेंद्र अवस्थी, हवलदार शशि पाल और हवलदार के. पी. की महत्वपूर्ण भूमिका रही.
कार्यक्रम के दौरान कॉलेज परिसर में उत्साहपूर्ण वातावरण बना रहा और चयनित कैडेट्स ने एनसीसी प्रशिक्षण के माध्यम से देश सेवा और व्यक्तित्व विकास के लिए प्रतिबद्ध रहने का संकल्प लिया.